रायपुर: छत्तीसगढ़ में लगातार बढ़ती अपराध की घटनाओं को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राज्य सरकार पर जमकर हमला बोला है। भूपेश बघेल का आरोप है कि प्रदेश अब अपराध का गढ़ बन चुका है और कानून व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है। उन्होंने कहा कि राज्य के हर बड़े शहर में हत्या, बलात्कार, डकैती, लूटपाट जैसी घटनाएं आम बात हो गई हैं। नशे के मामलों में सरकार की असफलता भी उजागर हो रही है। हाल ही में एक टीआई (थाना प्रभारी) को नशे के मामले में निलंबित किया गया, जो सरकार की स्वीकारोक्ति है।
भूपेश बघेल ने राजनांदगांव में तीन हत्याओं और गैंगवार के बाद हुई कार्रवाई का उदाहरण दिया। उनका कहना है कि गृहमंत्री विजय शर्मा के संरक्षण में सूखे नशे का अवैध कारोबार तेजी से फल-फूल रहा है। भूपेश बघेल ने कहा, “गृहमंत्री कुछ भी प्रभावी कदम नहीं उठा पा रहे हैं।”
साथ ही उन्होंने SIR (Special Investigation Region) की मांग पर भी प्रतिक्रिया दी। भूपेश बघेल ने स्पष्ट किया कि SIR लागू कराना निर्वाचन आयोग का अधिकार है, जनता का नहीं। उन्होंने गृहमंत्री से बार-बार पूछा कि प्रदेश में कितने पाकिस्तानी नागरिक निवासरत हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री ने अपने ऊपर आए संपत्ति कर नोटिस पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि केवल उन्हें ही नोटिस भेजा गया, जबकि अन्य नेताओं और अधिकारियों को क्यों नहीं भेजा गया। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि नक्सल मुठभेड़ के नाम पर गरीब आदिवासियों को नक्सली बताकर मारा न जाए।
