
बाइक चलाते समय अगर चेन से लगातार खड़खड़ाने की आवाज आती है, झटके महसूस होते हैं या चेन जरूरत से ज्यादा ढीली नजर आती है, तो इसे नजरअंदाज करना महंगा पड़ सकता है। चेन का टेंशन सही न होने पर बाइक की पावर डिलीवरी प्रभावित होने के साथ ड्राइव सिस्टम के कई हिस्सों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है।
बाइक की चेन इंजन की ताकत को रियर व्हील तक पहुंचाती है। इसलिए इसका न तो बहुत कसाव में होना ठीक है और न ही जरूरत से ज्यादा ढीला होना।
ज्यादा कसाव भी बन सकता है परेशानी
कई लोग चेन को ढीला देखकर उसे जरूरत से ज्यादा कस देते हैं। ऐसा करने से समस्या खत्म होने के बजाय चेन और स्प्रोकेट पर अनावश्यक दबाव बढ़ सकता है।
रियर सस्पेंशन के काम करने के दौरान चेन पर तनाव और बढ़ जाता है। इसका असर आवाज, झटकों और पार्ट्स के तेजी से घिसने के रूप में सामने आ सकता है। लंबे समय तक ऐसी चेन के साथ बाइक चलाने पर चेन डैमेज होने या टूटने का खतरा भी बढ़ जाता है।
ढीली चेन से पावर डिलीवरी हो सकती है खराब
दूसरी तरफ, बहुत ज्यादा ढीली चेन भी बाइक के लिए ठीक नहीं है। स्प्रोकेट पर सही पकड़ न बनने से एक्सेलरेशन के दौरान पावर ट्रांसफर स्मूद नहीं रहता।
ऐसे में बाइक में झटके महसूस हो सकते हैं और चेन से खड़खड़ाहट जैसी आवाज आ सकती है। स्थिति ज्यादा खराब होने पर चेन स्प्रोकेट से उतर सकती है, जिससे ड्राइव सिस्टम प्रभावित होने का खतरा रहता है।
सिर्फ चेन नहीं, स्प्रोकेट भी होता है प्रभावित
गलत टेंशन का असर धीरे-धीरे चेन और स्प्रोकेट दोनों की लाइफ पर पड़ता है। ज्यादा कसाव ड्राइव सिस्टम पर अतिरिक्त दबाव डाल सकता है, जबकि ज्यादा ढीलापन झटकों और असामान्य मूवमेंट को बढ़ा सकता है।
इसलिए सर्विस के समय सिर्फ चेन में लुब्रिकेंट लगाना पर्याप्त नहीं है। उसकी टेंशन और कंडीशन दोनों की जांच जरूरी है। अगर चेन बार-बार आवाज कर रही है या टेंशन को लेकर संदेह है, तो इसे अपने हिसाब से एडजस्ट करने के बजाय मैकेनिक से सही सेटिंग करवाना बेहतर है।
