
इलेक्ट्रिक कार में रेंज अचानक कम दिखने लगे तो सबसे पहले लोगों का ध्यान बैटरी पर जाता है। लेकिन हर बार वजह बैटरी की खराबी नहीं होती। कई बार टायर प्रेशर, मौसम, ड्राइविंग पैटर्न या AC का ज्यादा इस्तेमाल भी कार की रेंज पर असर डालता है।
टायर में कम हवा भी बढ़ा सकती है खपत
रेंज कम होने पर सबसे आसान जांच टायरों से शुरू करें। अगर टायरों में जरूरत से कम हवा है तो सड़क पर कार को आगे बढ़ाने के लिए ज्यादा ऊर्जा लग सकती है। इसलिए चारों टायरों का प्रेशर कंपनी की बताई सीमा के मुताबिक रखें।
साथ ही ध्यान दें कि किसी पहिए से असामान्य आवाज तो नहीं आ रही या ब्रेक लगातार चिपके हुए तो नहीं हैं। ऐसी दिक्कत होने पर कार की ऊर्जा खपत बढ़ सकती है।
गर्मी, सर्दी और AC का भी असर
EV की रेंज पर तापमान का सीधा असर पड़ सकता है। बहुत ज्यादा गर्मी या ठंड में बैटरी और कार के दूसरे सिस्टम सामान्य मौसम की तुलना में ज्यादा ऊर्जा इस्तेमाल कर सकते हैं।
इसके अलावा लगातार AC चलाना, तेज स्पीड में ड्राइव करना और बार-बार तेजी से एक्सीलेरेशन करने से भी बैटरी जल्दी खर्च हो सकती है। कार में अनावश्यक भारी सामान रखा है तो उसे हटाना भी फायदेमंद हो सकता है।
सिर्फ डिस्प्ले की रेंज देखकर न लें फैसला
कई बार कार की स्क्रीन पर दिखाई जाने वाली रेंज हाल की ड्राइविंग और ऊर्जा खपत के आधार पर बदलती रहती है। इसलिए एक बार रेंज कम दिखने का मतलब यह नहीं कि बैटरी खराब हो गई है।
अगर सामान्य परिस्थितियों में भी कई दिनों तक रेंज लगातार कम मिल रही है, तब मामले को गंभीरता से लेना चाहिए।
कब सर्विस सेंटर जाना जरूरी है?
अगर टायर, ब्रेक और ड्राइविंग से जुड़ी कोई वजह नहीं मिल रही है, तो बैटरी और सॉफ्टवेयर की जांच कराना बेहतर है। चार्जिंग के दौरान ज्यादा गर्मी, वार्निंग लाइट या दूसरी असामान्य समस्या दिखे तो खुद से कोई प्रयोग करने के बजाय अधिकृत सर्विस सेंटर से जांच कराएं।
इस तरह छोटी वजहों की जांच पहले करने से अनावश्यक बैटरी रिपेयर का खर्च उठाने से बचा जा सकता है।
