
Satya Niketan Building Collapse: दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में हॉस्टल की इमारत गिरने के बाद राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है। हादसे में अब तक 6 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 11 लोगों को मलबे से सुरक्षित निकाला जा चुका है। अधिकारियों के मुताबिक, मलबे के नीचे अभी भी करीब 20 से 30 लोगों के दबे होने की आशंका है।
मौके पर NDRF, दिल्ली पुलिस, दमकल विभाग, MCD और नागरिक सुरक्षा की टीमें संयुक्त रूप से काम कर रही हैं। बचावकर्मी मलबे के भीतर जीवन के संकेत तलाशने के लिए लाइफ डिटेक्टर, कैमरा और प्रशिक्षित खोजी कुत्तों का इस्तेमाल कर रहे हैं। अंदर फंसे लोगों तक ऑक्सीजन पहुंचाने की व्यवस्था भी की गई है।
हादसे में गंभीर रूप से घायल 5 लोगों का AIIMS में इलाज चल रहा है।
अवैध निर्माण की जांच के घेरे में इमारत
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, करीब 50 साल पुरानी इमारत को केवल G+1 निर्माण की मंजूरी मिली थी, लेकिन मौके पर यह G+4 ढांचे में बदल गई थी। पुलिस ने मालिक हरि राम बंसल के खिलाफ मामला दर्ज किया है। हादसे के बाद से उसके फरार होने की बात सामने आई है और उसकी तलाश की जा रही है।
घटना के बाद MCD ने चार मंजिल से अधिक वाली अवैध इमारतों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
CM और गृह मंत्री ने लिया हालात का जायजा
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और घायलों से मिलने AIIMS भी पहुंचीं। सरकार ने मामले की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं। गृह मंत्री अमित शाह ने भी दिल्ली के वरिष्ठ अधिकारियों और NDRF प्रमुख से बातचीत कर बचाव अभियान की जानकारी ली।
बताया गया है कि हादसे के समय इमारत के बेसमेंट में निर्माण कार्य चल रहा था। बारिश के कारण बेसमेंट में पानी जमा होने की भी जानकारी सामने आई है। फिलहाल प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों को जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर निकालना है।
