
नेपाल में बुधवार को आई अचानक बाढ़ ने कई इलाकों में भारी तबाही मचा दी। तिब्बत सीमा से लगे रसुवा जिले में भोटेकोशी नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से सड़क, पुल, घर और बिजली परियोजनाओं को नुकसान पहुंचा है। हादसे में कई लोगों की मौत हुई है, जबकि सैकड़ों लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं।
PM मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री से की बात
हादसे के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह से फोन पर बातचीत की। उन्होंने बाढ़ में जान गंवाने वाले लोगों के प्रति संवेदना जताई और नेपाल को हर संभव मानवीय सहायता देने का भरोसा दिया।
PM मोदी ने कहा कि इस मुश्किल समय में भारत नेपाल के लोगों के साथ खड़ा है। भारत की टीमें राहत और बचाव अभियान में सहयोग कर रही हैं।
105 भारतीयों समेत 384 यात्री लापता
नेपाल टूरिज्म बोर्ड की शुरुआती जानकारी के अनुसार, बाढ़ के बाद 384 यात्री लापता बताए गए हैं। इनमें 291 विदेशी और 93 नेपाली नागरिक शामिल हैं। विदेशी नागरिकों में सबसे ज्यादा 105 भारतीय हैं। इसके अलावा 37 NRI के भी लापता होने की जानकारी सामने आई है।
लापता लोगों में बड़ी संख्या उन यात्रियों की है जो कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए तिब्बत की ओर जा रहे थे। अमेरिका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, मलेशिया, नीदरलैंड और दक्षिण अफ्रीका के नागरिक भी लापता बताए गए हैं।
सड़क और बिजली परियोजनाओं को भारी नुकसान
बाढ़ का सबसे ज्यादा असर रसुवा के तिमुरे और आसपास के इलाकों में देखने को मिला। पानी के तेज बहाव में कई वाहन, पुल और सड़कें बह गईं। कुछ Hydropower Projects को भी नुकसान पहुंचा है।
नेपाल की सेना, पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां लापता लोगों की तलाश और राहत-बचाव अभियान में जुटी हैं।
भारतीय दूतावास ने जारी किए हेल्पलाइन नंबर
नेपाल में फंसे या प्रभावित भारतीय नागरिकों की जानकारी के लिए भारतीय दूतावास ने हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। मदद के लिए इन नंबरों पर संपर्क किया जा सकता है:
+977 985 131 6807
+977 970 910 7500
फिलहाल राहत और बचाव अभियान जारी है और लापता लोगों की संख्या तथा मौतों का आंकड़ा लगातार अपडेट किया जा रहा है।
