
बिलासपुर। शहर के सरकंडा थाना क्षेत्र स्थित बाल संप्रेक्षण गृह में मंगलवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब वहां रह रहे एक नाबालिग युवक का शव फंदे पर मिला। युवक को कुछ दिन पहले रायगढ़ से यहां लाया गया था। शुरुआती जांच में मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, हालांकि पुलिस सभी संभावित पहलुओं की जांच कर रही है।
मृतक की पहचान शुभम अघरिया के तौर पर हुई है। वह रायगढ़ जिले के धर्मजयगढ़ क्षेत्र के किरमिडांड गांव का रहने वाला था। उसके खिलाफ नाबालिग लड़की से दुष्कर्म का आरोप था। पुलिस कार्रवाई के बाद उसे बाल न्यायालय के आदेश पर 15 अगस्त को बिलासपुर संप्रेक्षण गृह में रखा गया था।
परिजनों से बातचीत के बाद सामने आई तनाव की बात
जांच के दौरान यह बात सामने आई कि शुभम ने मौत से एक दिन पहले अपने परिवार के लोगों से बातचीत की थी। बताया जा रहा है कि वह संप्रेक्षण गृह में रहने को लेकर परेशान था और परिजनों से बाहर निकालने के लिए कह रहा था।
पुलिस अब उसके व्यवहार, परिजनों से हुई बातचीत और संप्रेक्षण गृह में उसके आखिरी घंटों से जुड़े घटनाक्रम की जानकारी जुटा रही है।
सुबह हुई घटना, कर्मचारियों से पूछताछ
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, शुभम सोमवार रात खाना खाने के बाद सो गया था। मंगलवार सुबह संप्रेक्षण गृह के चौकीदार ने वहां मौजूद बच्चों को जगाया। इसके कुछ देर बाद शुभम बाथरूम की ओर गया।
इसी दौरान उसके फंदे पर लटके होने की जानकारी सामने आई। घटना की सूचना पुलिस को दी गई, जिसके बाद टीम मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू की।
मौत की होगी मजिस्ट्रियल जांच
मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने संप्रेक्षण गृह के कर्मचारियों और चौकीदार से पूछताछ की है। मौत की परिस्थितियों को लेकर मजिस्ट्रियल जांच भी कराई जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के अन्य तथ्यों के सामने आने के बाद ही मौत की पूरी वजह स्पष्ट हो सकेगी।
फिलहाल शुभम की मौत के मामले में पुलिस जांच जारी है और अधिकारियों की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
