
रायपुर। टिकरापारा इलाके की एक ज्वेलरी दुकान में सेंध लगाकर लाखों के जेवर चोरी करने वाले गिरोह तक पुलिस 72 घंटे में पहुंच गई। रावतपुरा की श्री गुरू ज्वेलर्स में हुई चोरी के मामले में पुलिस ने दो महिलाओं समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से करीब 7.50 लाख रुपए का सामान बरामद हुआ है।
सुबह दुकान खुलने पर सामने आई चोरी
मठपुरैना के रावतपुरा कॉलोनी फेस-02 में निमाई डोन्डा की श्री गुरू ज्वेलर्स है। 10 अगस्त की सुबह करीब 7 बजे दुकान में चोरी की जानकारी मिली। दुकान पहुंचने पर संचालक ने देखा कि एक तरफ की दीवार टूटी हुई थी और अंदर रखे सोने-चांदी के जेवर गायब थे।
शिकायत के बाद टिकरापारा पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 331(4) और 305 के तहत मामला दर्ज किया।
हजारों CCTV फुटेज से मिला सुराग
मामला सामने आते ही एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और टिकरापारा पुलिस की संयुक्त टीम ने जांच शुरू की। पुलिस ने इलाके के CCTV कैमरों की हजारों रिकॉर्डिंग खंगाली। संदिग्ध वाहनों और लोगों की आवाजाही को चिन्हित कर उनके रूट की जानकारी जुटाई गई।
जांच को आगे बढ़ाने के लिए 10 से ज्यादा टीमें लगाई गई थीं। पुराने चोरी के मामलों में शामिल आरोपियों और हाल में जेल से बाहर आए संदिग्धों पर भी नजर रखी गई।

आकांक्षा से पूछताछ में सामने आए साथी
तकनीकी जांच के दौरान पुलिस को पुरानी बस्ती निवासी आकांक्षा सोनी के बारे में जानकारी मिली। उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। शुरुआत में उसने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पूछताछ आगे बढ़ने पर उसने वारदात में शामिल होने की बात स्वीकार कर ली।
उससे मिली जानकारी के बाद पुलिस ने उषा उर्फ सपना खुंटे, लोकेश राव उर्फ विकास, एम. मोहन राव उर्फ मोनी और मिराज आलम को भी पकड़ लिया।
ऐसे बनाई थी ज्वेलरी दुकान को निशाना बनाने की योजना
पूछताछ में पुलिस को पता चला कि लोकेश राव और एम. मोहन राव ने पहले दुकान की रेकी की थी। दोनों ने चोरी की योजना बनाई और बाद में लोकेश की पत्नी उषा, आकांक्षा और मिराज को भी इसमें शामिल कर लिया।
पुलिस के अनुसार, वारदात के समय मोहन राव और मिराज दुकान के अंदर पहुंचे। वहीं लोकेश कुछ दूरी पर मौजूद रहा। आरोपियों ने दीवार में सेंध लगाकर दुकान में प्रवेश किया और जेवर लेकर निकल गए। बाद में चोरी का सामान आपस में बांट लिया गया।
आरोपी मोहन पर पहले से गंभीर मामले
गिरफ्तार एम. मोहन राव उर्फ मोनी का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, वह जीआरपी दुर्ग में दर्ज चार हत्या और एक चोरी के मामले समेत पांच प्रकरणों में जेल जा चुका है। एक हत्या के मामले में उसे 10 साल की सजा भी हो चुकी है।
लोकेश राव के खिलाफ भट्ठी और भिलाई थाने में एनडीपीएस एक्ट और आबकारी एक्ट के मामले दर्ज हैं। उसकी पत्नी उषा भी टिकरापारा थाने के पुराने मामले में जेल जा चुकी है।
चोरी के माल में 2 किलो चांदी के जेवर
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर करीब दो किलो चांदी के जेवर, एक सोने का लॉकेट, दो दोपहिया वाहन और पांच मोबाइल फोन बरामद किए हैं। बरामद सामान की कुल कीमत करीब 7 लाख 50 हजार रुपए बताई गई है।
पकड़े गए पांच आरोपी
लोकेश राव उर्फ विकास (35), रावतपुरा फेस-02, टिकरापारा, रायपुर
एम. मोहन राव उर्फ मोनी (39), सेक्टर-09, भिलाई, दुर्ग
मिराज आलम (29), खुर्सीपार सेक्टर-11, भिलाई, दुर्ग
उषा उर्फ सपना खुंटे (32), रावतपुरा फेस-02, टिकरापारा, रायपुर
आकांक्षा सोनी (26), ग्राम बेलर अमलीपारा, सिहावा, धमतरी; वर्तमान पता रायपुर
