
Udhayanidhi Stalin Trisha Comment: चेन्नई। मुख्यमंत्री विजय और अभिनेत्री तृषा को लेकर दिए गए विवादित बयान के बाद DMK नेता उदयनिधि स्टालिन की मुश्किलें बढ़ गई हैं। मंगलवार सुबह चेन्नई स्थित उनके आवास पर पहुंची पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। कार्रवाई के दौरान DMK कार्यकर्ताओं ने पुलिस का विरोध करते हुए नारेबाजी की।
विवाद की शुरुआत कैसे हुई?
3 अगस्त को तंजावुर में कावेरी जल विवाद को लेकर आयोजित DMK के विरोध प्रदर्शन में उदयनिधि स्टालिन ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि तमिलनाडु को कावेरी का एक बूंद पानी भी नहीं मिला, जबकि मुख्यमंत्री विजय इस मुद्दे पर चुप हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार कावेरी विवाद सुलझाने के बजाय DMK नेताओं पर झूठे मुकदमे दर्ज करने में लगी है।
तृषा का नाम आने पर क्या बोले?
भाषण के दौरान भीड़ से अभिनेत्री तृषा के नाम के नारे लगे। इस पर उदयनिधि ने कहा, “चाहे हमारा पानी आए या न आए, वहां पानी पहुंचना चाहिए।” इस टिप्पणी को विपक्ष ने अभिनेत्री तृषा से जोड़कर आपत्तिजनक और दोहरे अर्थ वाला बताया। हालांकि बाद में उदयनिधि ने सफाई दी कि उनका इशारा केवल कावेरी के पानी से था।
शिकायत के बाद दर्ज हुआ केस
तमिलगा वेट्री कड़गम (TVK) की शिकायत पर तंजावुर पुलिस ने उदयनिधि के खिलाफ मामला दर्ज किया। इसके बाद राष्ट्रीय महिला आयोग में भी शिकायत पहुंची, जिसमें बयान को महिलाओं के सम्मान के खिलाफ बताते हुए सार्वजनिक माफी और कानूनी कार्रवाई की मांग की गई।
भाजपा ने भी किया हमला
भाजपा ने भी बयान की कड़ी आलोचना की। पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष नारायणन तिरुपति ने इसे अभिनेत्री तृषा पर की गई अशोभनीय टिप्पणी बताया और कहा कि ऐसी भाषा सार्वजनिक जीवन में स्वीकार नहीं की जा सकती। साथ ही उन्होंने DMK अध्यक्ष एमके स्टालिन की चुप्पी पर भी सवाल उठाए।
