

Twisha Murder Case: भोपाल के चर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले में दिल्ली AIIMS की फॉरेंसिक रिपोर्ट ने जांच को नया मोड़ दे दिया है। सूत्रों के मुताबिक, जिस जिमनास्टिक बेल्ट को फांसी के लिए इस्तेमाल किया गया बताया गया था, उस पर ट्विशा के स्किन टिश्यू (त्वचा के अंश) मिले हैं। जांच में यह भी सामने आया कि बेल्ट पर मिले निशानों का पैटर्न ट्विशा की गर्दन के निशानों से मेल खाता है। यही वजह है कि अब यह बेल्ट केस का सबसे अहम वैज्ञानिक सबूत मानी जा रही है।
ट्विशा 12 मई को भोपाल स्थित अपने ससुराल में मृत मिली थीं। पहले पोस्टमार्टम में बेल्ट की जांच नहीं होने से कई सवाल अनसुलझे रह गए थे। इसके बाद परिवार ने जांच पर सवाल उठाए और मामला हाईकोर्ट पहुंचा।
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने दो अहम आदेश दिए थे। पहला, AIIMS दिल्ली के मेडिकल बोर्ड से दूसरा पोस्टमार्टम कराया जाए और दूसरा, पूरे मामले की जांच CBI को सौंपी जाए। इसके बाद 24 मई को AIIMS की पांच सदस्यीय टीम ने दोबारा पोस्टमार्टम किया और घटनास्थल समेत सभी सबूतों की वैज्ञानिक जांच की।
करीब एक महीने चली जांच के दौरान बेल्ट का लैब टेस्ट और हिस्टोपैथोलॉजी परीक्षण किया गया। सूत्रों के अनुसार, इसी जांच में बेल्ट पर मिले स्किन टिश्यू और गर्दन के निशानों के बीच समानता पाई गई।
AIIMS के फॉरेंसिक मेडिसिन विभाग के प्रमुख डॉ. सुधीर गुप्ता ने रिपोर्ट का विवरण सार्वजनिक करने से इनकार किया। उनका कहना है कि मेडिकल बोर्ड ने सभी पहलुओं की गहन वैज्ञानिक जांच के बाद अपनी अंतिम राय तैयार कर रिपोर्ट CBI और अदालत को सौंप दी है।
11 पन्नों की यह रिपोर्ट 10 जुलाई को सीलबंद लिफाफे में CBI को सौंपी गई। अब माना जा रहा है कि यही फॉरेंसिक रिपोर्ट CBI की आगे की जांच और अदालत में केस की सुनवाई के दौरान महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।





