

भारत सरकार ने पहली बार आधिकारिक तौर पर उन छह वीर सैनिकों के नाम सार्वजनिक किए हैं, जिन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान देश की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया था। इन सभी जांबाजों के नाम अब राष्ट्रीय युद्ध स्मारक (National War Memorial) की ‘रोल ऑफ ऑनर’ सूची में शामिल कर दिए गए हैं।
राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर दर्ज हुए शहीदों के नाम
सरकार के अनुसार, वर्ष 2025 के सेक्शन में इन छह वीर जवानों के नाम अंकित किए गए हैं। शहीदों में शामिल हैं—
- सूबेदार मेजर पवन कुमार (मुख्यालय 10 इन्फैंट्री ब्रिगेड)
- राइफलमैन सुनील कुमार (4 जम्मू-कश्मीर लाइट इन्फैंट्री, वीर चक्र)
- लांस नायक दिनेश कुमार (5 फील्ड रेजिमेंट)
- एविएशन टेक्निशियन मूड मुरलीनायक (851 लाइट रेजिमेंट)
- हवलदार सुनील कुमार सिंह (237 फील्ड वर्कशॉप कंपनी)
- सार्जेंट सुरेंद्र कुमार (39 विंग, वायु सेना पदक)
इन नामों के सार्वजनिक होने के साथ सरकार ने पहली बार स्वीकार किया है कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सेना और वायुसेना के जवानों ने देश के लिए बलिदान दिया था।
पहलगाम आतंकी हमले के बाद शुरू हुआ था ऑपरेशन
ऑपरेशन सिंदूर की शुरुआत 7 मई 2025 को हुई थी। यह कार्रवाई 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में की गई थी, जिसमें 26 लोगों की जान गई थी। भारतीय सेना ने इस अभियान के दौरान पाकिस्तान और पीओके में मौजूद 9 आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले किए थे।

चार दिन चला सैन्य अभियान
भारत और पाकिस्तान के बीच करीब चार दिन तक सैन्य तनाव बना रहा। इसके बाद दोनों देशों के DGMO के बीच बातचीत हुई और 10 मई को सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमति बनी।
थलसेना और वायुसेना दोनों के जवान हुए शहीद
सार्वजनिक किए गए नामों से स्पष्ट है कि इस अभियान में भारतीय थलसेना और वायुसेना दोनों के जवानों ने सर्वोच्च बलिदान दिया। इनमें राइफलमैन सुनील कुमार को वीर चक्र और सार्जेंट सुरेंद्र कुमार को वायु सेना पदक से सम्मानित किया जा चुका है।
इन छह शहीदों के नाम राष्ट्रीय युद्ध स्मारक में दर्ज होने के साथ ही ऑपरेशन सिंदूर भी देश के उन ऐतिहासिक सैन्य अभियानों में शामिल हो गया है, जिन्हें भारत हमेशा सम्मान और गर्व के साथ याद रखेगा।





