

अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले के बीच बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्ट सदस्य अनिल मिश्रा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। दोनों ने कहा कि उन्होंने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए यह फैसला किया है, हालांकि उनका नाम एफआईआर में शामिल नहीं है।
चढ़ावा चोरी मामले की जांच के लिए गठित SIT की रिपोर्ट के बाद 8 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और उन्हें ड्यूटी मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जाएगा, क्योंकि मुहर्रम के कारण नियमित अदालत बंद है।
सीएम योगी का सख्त संदेश
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि श्रद्धालुओं की आस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने बताया कि शिकायत मिलते ही SIT बनाई गई, जिसने तेजी से जांच पूरी कर कार्रवाई की।
कैसे हुआ करोड़ों के चढ़ावे में खेल?
जांच में सामने आया कि नोट गिनने वाले कुछ कर्मचारी गड्डियों से नोट निकालकर कपड़ों में छिपा लेते थे। ट्रस्ट ने शक होने पर गुप्त कैमरे लगाए, जिनकी फुटेज में चोरी का खुलासा हुआ।
जांच में यह भी पता चला कि बैंक भेजने से पहले नोटों की गड्डियों में हेराफेरी की जाती थी, जिससे रकम का रिकॉर्ड सही दिखता था लेकिन पैसे गायब हो जाते थे। पुलिस ने एक आरोपी के घर से करीब 10 लाख रुपये भी बरामद किए हैं।
जेवरात भी बनाए गए निशाना
सिर्फ नकदी ही नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए सोने-चांदी के जेवर, जैसे बाली, झुमकी, नथ, कंगन और पायल भी चोरी किए जाने का आरोप है।
लापरवाही बनी बड़ी वजह
जांच में सामने आया कि नोट गिनने वाले कई कर्मचारी सिफारिश के आधार पर रखे गए थे। ड्यूटी खत्म होने के बाद उनकी तलाशी भी नहीं ली जाती थी, जिसका फायदा उठाकर लंबे समय तक चोरी होती रही।





