छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में एक युवक ने सरकारी लापरवाही के खिलाफ अलग ही अंदाज में विरोध किया। तरुण साहू नाम के युवक ने हाउसिंग बोर्ड ऑफिस पहुंचकर अधिकारी की टेबल पर बादाम बिखेर दिए और कहा—“मैडम, ये बादाम खाइए, शायद फाइल याद आ जाए।”
दरअसल, तरुण ने एक साल पहले EWS फ्लैट खरीदा था और नामांतरण के लिए सभी दस्तावेज जमा किए थे। लेकिन हर बार उसे यही जवाब मिला कि उसकी फाइल मिल नहीं रही है। लगातार चक्कर लगाने के बाद भी जब काम नहीं हुआ, तो उसने ये अनोखा तरीका अपनाया।
आमतौर पर नामांतरण 1-2 महीने में हो जाता है, लेकिन उसे एक साल से सिर्फ घुमाया जा रहा है। अब उसका यह विरोध सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
