Amit Jogi life imprisonment: रायपुर। छत्तीसगढ़ के चर्चित जग्गी हत्याकांड में बड़ा फैसला सामने आया है। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के बेटे अमित जोगी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। इससे पहले कोर्ट उन्हें दोषी करार दे चुका था और सरेंडर करने के लिए तीन हफ्ते का समय दिया गया था।
सोमवार को सजा पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने साफ कहा कि जब सभी आरोपियों के खिलाफ एक जैसे सबूत हैं, तो किसी एक को अलग तरीके से राहत नहीं दी जा सकती। इसी आधार पर अमित जोगी को भी अन्य आरोपियों की तरह सजा दी गई।
अब जेल जाना होगा, जुर्माना भी लगाया गया
चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस अरविंद वर्मा की डिविजन बेंच ने यह फैसला सुनाया। कोर्ट ने अमित जोगी को आजीवन कारावास के साथ 1000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
अगर जुर्माना नहीं भरा गया, तो उन्हें अतिरिक्त 6 महीने की सजा और भुगतनी होगी।
2003 में हुई थी रामावतार जग्गी की हत्या
यह मामला 4 जून 2003 का है, जब एनसीपी नेता और कारोबारी रामावतार जग्गी की रायपुर में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस केस में कुल 31 आरोपी थे, जिनमें से 28 को पहले ही सजा मिल चुकी थी।
2007 में रायपुर की विशेष अदालत ने सबूतों की कमी के चलते अमित जोगी को बरी कर दिया था। लेकिन बाद में जग्गी के बेटे सतीश जग्गी ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने केस को फिर से हाईकोर्ट भेजा, जहां दोबारा सुनवाई हुई।
20 साल बाद मिला न्याय
लगभग 20 साल तक चले इस केस में अब फैसला आया है। सतीश जग्गी का कहना है कि लंबी कानूनी लड़ाई के बाद उन्हें न्याय मिला है। उन्होंने उस समय की सरकार पर भी कई आरोप लगाए थे। इस केस की जांच सीबीआई ने भी की थी।
