Raigarh News: रायगढ़। जोबी चौकी क्षेत्र में नाबालिग से दुष्कर्म के गंभीर मामले में पॉक्सो कोर्ट ने आरोपी पड़ोसी को 20 साल की कठोर कैद की सजा सुनाई है। साथ ही अदालत ने आरोपी पर 8,000 रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
कैसे हुआ पूरा मामला?
14 मई 2024 की रात 14 वर्षीय लड़की खाना खाकर अपने कमरे में सोई थी, लेकिन अगली सुबह वह घर से गायब मिली। परिवार ने रिश्तेदारों और आसपास के घरों में तलाश की, पर कोई सुराग नहीं मिला। शक होने पर पिता ने तुरंत जोबी चौकी में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने गुमशुदगी और अपहरण की आशंका के तहत जांच शुरू की और 21 मई 2024 को पीड़िता को बरामद कर लिया।
पीड़िता ने सुनाई आपबीती
महिला पुलिस अधिकारी को दिए बयान में नाबालिग ने बताया कि उसके गांव का पड़ोसी लक्ष्मण दास महंत पिछले एक साल से उस पर शादी का दबाव डाल रहा था। लड़की ने नाबालिग होने की बात कही, लेकिन आरोपी लगातार उसे बहलाता-फुसलाता रहा।
14 मई की रात आरोपी मोटरसाइकिल से उसे जबरन बिलासपुर ले गया और लेबर कॉलोनी के एक किराए के मकान में रखा। वहां 20 मई तक उसने पीड़िता के साथ मारपीट करते हुए कई बार दुष्कर्म किया।
21 मई को वह नाबालिग को वापस गांव के पास छोड़कर फरार हो गया।
पुलिस ने जोड़ी POCSO की धाराएं
लड़की के बयान के आधार पर आरोपी के खिलाफ
धारा 366 (अपहरण)
धारा 376(2)(एन) (बार-बार दुष्कर्म)
धारा 323 (मारपीट)
पॉक्सो एक्ट की विशेष धाराएं
जोड़ी गईं और आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया।
कोर्ट का बड़ा फैसला
मामले की सुनवाई अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश देवेंद्र साहू की अदालत में हुई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए 20 वर्ष की कठोर सजा सुनाई।
अदालत ने इसे नाबालिग के साथ गंभीर अपराध मानते हुए कठोर सजा आवश्यक बताया।
