Janmashtami Vrat 2025: हर साल की तरह इस बार भी जन्माष्टमी बड़े धूमधाम से मनाई जाएगी। इस दिन मंदिरों से लेकर घरों तक भगवान श्री कृष्ण का जन्मोत्सव मनाया जाता है। लोग झांकियां सजाते हैं और मध्यरात्रि को श्री कृष्ण का जन्मोत्सव मनाते हैं।
धार्मिक मान्यता है कि जन्माष्टमी का व्रत 100 एकादशी व्रत के बराबर होता है। जो भक्त सच्चे मन से उपवास रखते हैं, उन पर श्री कृष्ण विशेष कृपा करते हैं और उनकी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
व्रत खोलने के बाद क्या खाएं?
जन्माष्टमी की पूजा के बाद पहले भोग का प्रसाद ग्रहण करें।
परंपरा के अनुसार, श्रीकृष्ण का जन्म करवा कर 108 नामों का जाप किया जाता है।
प्रसाद ग्रहण करने के बाद फल और हल्का भोजन करें।
इस दिन तामसिक भोजन (प्याज, लहसुन आदि) का सेवन बिल्कुल न करें।
जन्माष्टमी का शुभ मुहूर्त 2025
तिथि: भाद्रपद मास, कृष्ण पक्ष की अष्टमी
पूजा का समय: रात 12:04 मिनट से 12:47 मिनट तक
कुल अवधि: 43 मिनट
इस समय भगवान श्रीकृष्ण की आरती करें और उनके 108 नामों का जाप करना बेहद शुभ माना गया है।
जन्माष्टमी व्रत रखने वाले भक्त अगर नियम और विधि से उपवास करें, तो उन्हें असीम पुण्य और श्रीकृष्ण की कृपा प्राप्त होती है।
