अहमदाबाद। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपनी रिटायरमेंट के बाद की प्लानिंग सभी के सामने रखी है। उन्होंने कहा कि वे सेवा निवृत्ति के बाद अपना जीवन वेद, उपनिषद और प्राकृतिक खेती को समर्पित करेंगे।
अमित शाह ने ये बात गुजरात के अहमदाबाद में आयोजित ‘सहकार-संवाद’ कार्यक्रम के दौरान कही। इस कार्यक्रम में उन्होंने गुजरात, मध्य प्रदेश और राजस्थान के सहकारिता क्षेत्र की महिलाओं और कार्यकर्ताओं से बातचीत की।
🔹 रिटायरमेंट के बाद की अमित शाह की 3 प्रमुख योजनाएं:
वेदों और उपनिषदों का अध्ययन
उन्होंने कहा कि वे आध्यात्मिक ज्ञान को समझने में समय बिताएंगे।
प्राकृतिक खेती को अपनाना और बढ़ावा देना
शाह का मानना है कि प्राकृतिक खेती एक वैज्ञानिक तरीका है, जो हमारे शरीर और पर्यावरण दोनों के लिए लाभदायक है।
स्वस्थ जीवनशैली को अपनाना
उन्होंने कहा कि रासायनिक खादों से उगाए गए अनाज से कैंसर, ब्लड प्रेशर, डायबिटीज जैसी बीमारियां होती हैं। प्राकृतिक खेती से उगाया गया अनाज खाने से दवाओं की जरूरत नहीं पड़ती।
🔹 अमित शाह का संदेश:
“मैंने तय किया है कि जब रिटायर हो जाऊंगा, तब वेद, उपनिषद और प्राकृतिक खेती को अपना जीवन समर्पित करूंगा।”
