
अमेरिका और उसके सहयोगी देशों के बीच बढ़ते तनाव के बीच इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर तीखा हमला बोला है। मेलोनी ने ट्रंप के दावों को पूरी तरह झूठा बताते हुए कहा कि इटली कभी किसी के सामने झुकने वाला देश नहीं है।
ट्रंप के दावों को बताया मनगढ़ंत
मेलोनी ने कहा कि ट्रंप द्वारा दिए गए बयान तथ्यों से बिल्कुल अलग हैं। उन्होंने कहा, “कुछ बातों का जवाब तुरंत देना जरूरी होता है। ट्रंप की बातें पूरी तरह मनगढ़ंत हैं। यह देखकर हैरानी होती है कि अमेरिका का राष्ट्रपति अपने सहयोगी देशों के बारे में इस तरह की बातें कर रहा है।”
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि ट्रंप अपने मित्र देशों के खिलाफ तो सख्त रुख अपनाते हैं, लेकिन अमेरिका के विरोधियों के सामने वही मजबूती क्यों नहीं दिखाते।
“इटली कभी भीख नहीं मांगता”
अपने बयान के अंत में मेलोनी ने बेहद कड़ा संदेश देते हुए कहा, “एक बात उन्हें याद रखनी चाहिए, मैं और इटली कभी भीख नहीं मांगते।”
उनके इस बयान को इटली की गरिमा और राष्ट्रीय सम्मान से जोड़कर देखा जा रहा है।
इटली के विदेश मंत्री ने रद्द की अमेरिका यात्रा
इटली के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री एंटोनियो तजानी ने भी ट्रंप के बयान की आलोचना की। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ प्रधानमंत्री मेलोनी नहीं, बल्कि पूरे इटली का अपमान है।
इसी के विरोध में तजानी ने 21 और 22 जून को प्रस्तावित अपनी अमेरिका यात्रा रद्द करने का फैसला लिया।
क्या था ट्रंप का दावा?
डोनाल्ड ट्रंप ने एक टीवी इंटरव्यू में दावा किया था कि जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान जॉर्जिया मेलोनी ने उनके साथ फोटो खिंचवाने की इच्छा जताई थी। ट्रंप ने कहा कि उन्होंने “तरस खाकर” उनके साथ तस्वीर खिंचवाई।
ट्रंप के इसी बयान पर अब इटली में राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है और मेलोनी ने खुलकर इसका विरोध किया है।
