महाराष्ट्र के वरिष्ठ कांग्रेस नेता और देश के पूर्व केंद्रीय गृहमंत्री शिवराज पाटिल का शुक्रवार तड़के निधन हो गया। वे 90 वर्ष के थे। सुबह करीब 6:30 बजे उन्होंने लातूर स्थित अपने निवास ‘देववर’ में अंतिम सांस ली। लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे पाटिल का उपचार घर पर ही किया जा रहा था। उनके निधन की खबर मिलते ही कांग्रेस नेताओं ने गहरा शोक व्यक्त किया है।
शिवराज पाटिल का अंतिम संस्कार शुक्रवार शाम लातूर में ही किया जाएगा।
26/11 मुंबई हमले के दौरान थे गृहमंत्री
मराठवाड़ा क्षेत्र के लातूर से कई बार सांसद रहे शिवराज पाटिल ने अपने राजनीतिक जीवन में कई महत्वपूर्ण पद संभाले।
वे लोकसभा स्पीकर, केंद्रीय मंत्री और बाद में साल 2008 के 26/11 मुंबई आतंकी हमले के समय देश के गृहमंत्री थे।
हमले के बाद सुरक्षा चूक की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।
नगर पालिका से शुरू हुआ था राजनीतिक सफर
शिवराज पाटिल का जन्म चाकुर गांव में हुआ था। उन्होंने हैदराबाद के ओस्मानिया विश्वविद्यालय से विज्ञान में स्नातक और मुंबई विश्वविद्यालय से कानून की डिग्री हासिल की।
उनका राजनीतिक करियर वर्ष 1967 में लातूर नगर पालिका से पार्षद बनकर शुरू हुआ।
इसके बाद:
1972–1979 : महाराष्ट्र विधानसभा के विधायक
1980 से : लातूर लोकसभा सीट से लगातार जीत
8वीं से 12वीं लोकसभा तक : सांसद
बाद में पंजाब के राज्यपाल भी रहे
पाटिल को मराठवाड़ा की राजनीति में एक संतुलित, शांत और अनुभवी नेता के रूप में जाना जाता था।
