नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर के पूर्व राज्यपाल चौधरी सत्यपाल मलिक का मंगलवार को निधन हो गया। वह 79 वर्ष के थे और लंबे समय से बीमार चल रहे थे। उन्होंने दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल में दोपहर करीब 1 बजे अंतिम सांस ली।
उनके निधन की पुष्टि उनके एक्स (Twitter) अकाउंट से की गई, जिसमें लिखा गया – “पूर्व गवर्नर चौधरी सत्यपाल सिंह मलिक जी नहीं रहे।” अस्पताल में भर्ती रहते हुए भी वे अपने बयान जारी करते रहते थे, जिससे उनकी सक्रियता बनी रही।
राजनीतिक जीवन की शुरुआत और विरासत
उत्तर प्रदेश के बागपत में जन्मे सत्यपाल मलिक का राजनीतिक जीवन बेहद सक्रिय और सादा रहा। उन्होंने 1968-69 में मेरठ कॉलेज छात्रसंघ अध्यक्ष के रूप में राजनीति में कदम रखा।
वे राम मनोहर लोहिया और चौधरी चरण सिंह से प्रभावित हुए और 1974 में भारतीय क्रांति दल (बाद में लोकदल) से चुनाव लड़कर विधायक बने। चरण सिंह ने उन्हें अपना राजनीतिक उत्तराधिकारी माना और लोकदल का महासचिव बनाया।
मलिक दो बार राज्यसभा सांसद (लोकदल और कांग्रेस से) और एक बार लोकसभा सांसद (जनता दल से) भी बने।
2004 में भाजपा में शामिल हुए, कई राज्यों में राज्यपाल रहे
2004 में वे भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हुए और पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बने। उन्हें 2017 में बिहार का राज्यपाल बनाया गया।
इसके बाद वे:
जम्मू-कश्मीर (2018-19) के राज्यपाल बने, जहां उनके कार्यकाल में अनुच्छेद 370 हटाया गया – यह एक ऐतिहासिक फैसला था।
ओडिशा, गोवा और मेघालय के भी राज्यपाल रहे।
मोदी सरकार के आलोचक रहे सत्यपाल मलिक
राज्यपाल पद से हटने के बाद मलिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार के आलोचक के रूप में सामने आए। उन्होंने कई बार सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए और किसान आंदोलन से लेकर भ्रष्टाचार के मामलों में भी बयान दिए।
CBI जांच और भ्रष्टाचार के आरोप
मई 2025 में CBI ने सत्यपाल मलिक समेत 6 अन्य के खिलाफ भ्रष्टाचार का आरोपपत्र दाखिल किया। यह मामला जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में किरू जलविद्युत परियोजना में 2200 करोड़ रुपये के कॉन्ट्रैक्ट से जुड़ा था।
मलिक ने खुद खुलासा किया था कि उन्हें दो बड़ी फाइलों को मंजूरी देने के बदले 300 करोड़ रुपये की रिश्वत की पेशकश की गई थी। इनमें एक फाइल जलविद्युत परियोजना और दूसरी सरकारी कर्मचारियों की स्वास्थ्य बीमा योजना से जुड़ी थी।
CBI ने 2022 में इस मामले की जांच शुरू की और अप्रैल 2022 में दो एफआईआर दर्ज की गई थीं।
