पचपेड़ी नाका स्थित Ramakrishna Care Hospital में सीवर की सफाई के दौरान हुई दर्दनाक घटना में तीन मजदूरों की मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है। घटना के बाद अस्पताल प्रबंधन ने पीड़ित परिवारों के लिए मुआवजे की घोषणा की है।
मंगलवार को सीवर की सफाई के दौरान गोविंद सेंद्रे (35), अनमोल माझी (25) और प्रशांत कुमार (25) की दम घुटने से मौत हो गई थी। सभी मृतक सिमरन सिटी और भाठागांव क्षेत्र के रहने वाले थे।
घटना के अगले दिन परिवारजन अपनी मांगों को लेकर Dr. Bhimrao Ambedkar Memorial Hospital पहुंचे और मुआवजे की मांग की। पुलिस ने उन्हें समझाया कि दस्तावेजों की जांच चल रही है, प्रक्रिया पूरी होते ही सहायता दी जाएगी।
30-30 लाख रुपये मुआवजा
अस्पताल प्रबंधन ने बाद में घोषणा की कि तीनों मृतकों के परिवारों को 30-30 लाख रुपये दिए जाएंगे। इसके अलावा हर परिवार को बच्चों की पढ़ाई और भरण-पोषण के लिए 18 साल की उम्र तक हर महीने 20 हजार रुपये भी दिए जाएंगे।
ठेकेदार की लापरवाही सामने आई
जांच में सामने आया है कि ठेकेदार किशन सोनी ने बिना अनुभव वाले मजदूरों को सीवर में उतार दिया था। करीब 25 फीट गहरे सीवर में काम कर रहे मजदूरों को किसी भी तरह का सुरक्षा उपकरण नहीं दिया गया था, जिससे यह हादसा हुआ।
नियमों का उल्लंघन
कानून के अनुसार सीवर या सेप्टिक टैंक में इंसानों को उतारना प्रतिबंधित है। इसके बावजूद सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई। विशेषज्ञों के अनुसार ऐसे काम केवल मशीनों और उचित सुरक्षा उपकरणों के साथ ही होने चाहिए।
प्रशासन की कार्रवाई
घटना के बाद नगर निगम ने अस्पताल प्रबंधन को नोटिस जारी किया है और पूरे मामले की जानकारी मांगी है। अधिकारियों का कहना है कि बिना अनुमति सीवर सफाई कराना नियमों के खिलाफ है और दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना एक बार फिर सीवर सफाई के दौरान सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर कमी को उजागर करती है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की जरूरत को दर्शाती है।
