
Ram Mandir CEO: अयोध्या में राम मंदिर के प्रशासन को लेकर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने दो बड़े फैसले लिए हैं। पूर्व एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा को मंदिर का पहला CEO बनाया गया है। इसके अलावा ट्रस्ट में तीन नए ट्रस्टी भी शामिल किए गए हैं।
जीतेंद्र मिश्रा देवरिया के रहने वाले हैं। भारतीय वायुसेना में लंबे समय तक सेवा देने के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण पद संभाले। वे इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ में ऑपरेशंस के उप प्रमुख और इससे पहले ऑर्गनाइजेशन एंड ट्रेनिंग के उप प्रमुख रह चुके हैं। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान वे पश्चिमी वायु कमान की जिम्मेदारी संभाल रहे थे।
उनकी पढ़ाई नेशनल डिफेंस एकेडमी, खड़कवासला और एयर फोर्स एकेडमी, डुंडीगल से हुई है। उन्होंने एयर फोर्स टेस्ट पायलट्स स्कूल, अमेरिका के एयर कमांड एंड स्टाफ कॉलेज, अलबामा और रॉयल कॉलेज ऑफ डिफेंस स्टडीज से भी प्रशिक्षण लिया है।
5,585 लोगों ने CEO पद के लिए आवेदन किया था
राम मंदिर के CEO की नियुक्ति के लिए बड़ी चयन प्रक्रिया हुई। इस पद के लिए 5,585 आवेदन आए थे। इनमें से 16 उम्मीदवारों को इंटरव्यू के लिए चुना गया। इंटरव्यू के बाद चयन समिति ने तीन नाम ट्रस्ट को भेजे, जिनमें जीतेंद्र मिश्रा को चुना गया।
उम्मीदवारों से प्रशासनिक अनुभव और पहले निभाई गई जिम्मेदारियों के अलावा धार्मिक क्षेत्र में काम से जुड़े सवाल भी पूछे गए थे। भगवान राम के प्रति आस्था को लेकर भी सवाल हुए थे। रिपोर्टों के अनुसार, उम्मीदवार के कट्टर हिंदू और शाकाहारी होने जैसी शर्तें भी रखी गई थीं।
ये तीन लोग बने नए ट्रस्टी
ट्रस्ट में शामिल किए गए तीन नए नाम हैं:
महेश भागचंदका — दिल्ली
मदन मोहन पांडेय — अयोध्या
निर्मला यादव — शिकोहाबाद
मदन मोहन पांडेय वकील हैं और राम जन्मभूमि मामले में रामलला की ओर से कानूनी लड़ाई लड़ चुके हैं।
महेश भागचंदका M2K समूह के अध्यक्ष हैं और सामाजिक कामों से जुड़े रहे हैं। वे VHP के पूर्व अध्यक्ष अशोक सिंघल के रिश्तेदार हैं। राम मंदिर के भूमिपूजन के समय वे मुख्य यजमान भी थे।
निर्मला यादव के बारे में सार्वजनिक रूप से फिलहाल ज्यादा जानकारी उपलब्ध नहीं है।
जून में दान चोरी का मामला भी सामने आया था
राम मंदिर ट्रस्ट के सामने हाल के महीनों में दान राशि से जुड़ा विवाद भी आया था। जून में आरोप लगा था कि दान की गिनती करने वाले कर्मचारियों ने कपड़ों और जूतों में पैसे छिपाकर घोटाला किया।
मामले के बाद राजनीतिक विवाद भी हुआ। विवाद बढ़ने पर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और सदस्य अनिल मिश्रा के इस्तीफे की बात सामने आई थी।
जांच में SIT ने 8 लोगों को आरोपी बनाया। सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
