बच्चों के भविष्य को लेकर PM मोदी की खास अपील, शिक्षकों से बोले- बचपन जिंदा रखें

Mkyadu
3 Min Read
Advertisement Banner

नई दिल्ली। शिक्षक दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेशनल टीचर्स अवॉर्ड पाने वाले शिक्षकों से बातचीत की। इस दौरान चर्चा सिर्फ पढ़ाई तक सीमित नहीं रही, बल्कि बच्चों की प्रतिभा, स्क्रीन टाइम, खेल और उनके मानसिक विकास जैसे मुद्दों पर भी बात हुई।

प्रधानमंत्री ने कहा कि हर बच्चा पढ़ाई में एक जैसा प्रदर्शन नहीं कर सकता। ऐसे में शिक्षक की जिम्मेदारी है कि वह बच्चे की दूसरी खूबियों को पहचानने की कोशिश करे। उन्होंने शिक्षकों से यह भी जानना चाहा कि वे विद्यार्थियों की अलग-अलग क्षमताओं को सामने लाने के लिए किस तरह काम कर रहे हैं।

शिक्षकों ने बताया कि एक कक्षा में मौजूद सभी बच्चों की रुचि और क्षमता अलग होती है। इसलिए उन्हें समझकर उनकी प्रतिभा को पहचानना और उसी के अनुसार आगे बढ़ने का अवसर देना शिक्षक की जिम्मेदारी है।

ब्रेस्ट कैंसर जागरूकता पर शिक्षिका ने साझा किया अनुभव

संवाद के दौरान एक शिक्षिका ने ब्रेस्ट कैंसर पर किए जा रहे अपने शोध और जागरूकता कार्य के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि महिलाएं इस बीमारी से जुड़े विषयों पर कई बार खुलकर बात नहीं कर पातीं। इसलिए उनका प्रयास महिलाओं को शुरुआती संकेतों के प्रति जागरूक करना और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह लेने के लिए प्रेरित करना है।

इस पर पीएम मोदी ने काशी में चलाए गए ब्रेस्ट कैंसर जागरूकता अभियान का अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया कि अब बड़ी संख्या में महिलाएं खुद आगे आकर जांच करा रही हैं। उन्होंने बड़े स्तर पर एक दिन में हुई जांच का भी जिक्र किया, जिसे गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किए जाने की बात कही।

बच्चों के बढ़ते स्क्रीन टाइम पर चिंता

पीएम मोदी ने बच्चों के मोबाइल और दूसरी स्क्रीन पर बढ़ते समय को भी गंभीर मुद्दा बताया। उन्होंने कहा कि स्क्रीन टाइम धीरे-धीरे एडिक्शन का रूप ले रहा है।

उन्होंने सुझाव दिया कि बच्चों को खेलकूद और रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ना इसका एक रास्ता हो सकता है। जब बच्चे मैदान में खेलेंगे और अपनी पसंद की क्रिएटिव एक्टिविटीज में समय देंगे, तो उनका ध्यान स्क्रीन से हटाने में मदद मिल सकती है।

किताबों से आगे जाकर बच्चों को समझें शिक्षक

प्रधानमंत्री ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल किताबें पढ़ाना या सिलेबस पूरा करना नहीं होना चाहिए। शिक्षक को बच्चों की जिंदगी, उनकी रुचियों और उनकी क्षमताओं को भी समझना होगा।

उन्होंने खास तौर पर कहा कि बच्चों का बचपन खत्म नहीं होने देना चाहिए। पीएम मोदी के मुताबिक, बच्चे के भीतर जिज्ञासा, खेल और रचनात्मकता बनाए रखने में शिक्षक की भूमिका बेहद अहम है।

उन्होंने कहा कि शिक्षक खुद भी अपने भीतर का बचपन जिंदा रखें, ताकि वे बच्चों को बेहतर तरीके से समझ सकें। अंत में प्रधानमंत्री ने नेशनल टीचर्स अवॉर्ड विजेताओं को बधाई और शुभकामनाएं दीं।

Share This Article
बारिश में AC चलाते हैं? तो जानिए कौन-सा मोड सबसे सही रहेगा! बिहार जीत के बाद CM नीतीश कुमार का पहला बड़ा बयान क्या बांसुरी को घर में रखना शुभ है? भूल से भी न करें शारदीय नवरात्र में ये काम पूनम पांडे की एंट्री से विवादों में दिल्ली की लवकुश रामलीला Realme Buds T200 भारत में हुए पेश द राजा साब से आई संजय दत्त खौफनाक तस्वीर Amitabh ने बेटे Abhishek पर लुटाया प्यार Zareen Khan ने ठुकराया Bigg Boss 18, कहा – थप्पड़ मार दूंगी पुरुषों के लिए बैली फैट घटाने के 5 घरेलू नुस्खे इन आदतों के कारण जेब में कभी भी नहीं टिकेगा पैसा बॉडी को अंदर से साफ रखना है तो खाएं ये 5 फल घर पर नारियल बांधने से क्या होगा? Mothers Day पर जरूर से देखें ये फिल्में नींबू-मिर्च के चमत्कारी उपाय से पाएं धन लाभ प्रेग्नेंसी में क्यों पिएं केसर वाला दूध? जानिए 5 कमाल के फायदे! पति से सिंदूर लगवाने के चमत्कारी फायदे पेट में गैस हो तो करें ये 4 आसान योगासन अच्छी किताबें पढ़ने से मिलते हैं ये गजब के फायदे बुद्ध पूर्णिमा के दिन अपनाएं ये उपाय, मिटेंगे पाप, मिलेगा पुण्य