Narendra Modi CCS Meeting
; पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच प्रधानमंत्री Narendra Modi ने सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति (CCS) की आपात बैठक बुलाई। यह बैठक ऐसे समय में हुई जब United States और Israel द्वारा Iran पर हमले और ईरान के सर्वोच्च नेता Ali Khamenei की मौत की खबरों से क्षेत्र में भू-राजनीतिक संकट गहरा गया है।
दिल्ली लौटते ही पीएम मोदी ने अपने आवास पर उच्चस्तरीय बैठक कर हालात की समीक्षा की।
बैठक में कौन-कौन रहे मौजूद?
CCS की इस अहम बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah, रक्षा मंत्री Rajnath Singh, विदेश मंत्री S. Jaishankar और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार Ajit Doval समेत कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
किन-किन मुद्दों पर हुई चर्चा?
रिपोर्ट्स के अनुसार बैठक में इन अहम बिंदुओं पर मंथन हुआ:
अमेरिका-इजरायल द्वारा ईरान पर हमले के बाद की ताजा स्थिति
खामेनेई की मौत के बाद क्षेत्रीय सुरक्षा पर असर
पश्चिम एशिया में रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा
जरूरत पड़ने पर भारतीयों की सुरक्षित निकासी (Evacuation Plan)
कई देशों के हवाई क्षेत्र बंद होने से उड़ानों पर असर
भारत की कूटनीतिक और आर्थिक रणनीति
क्या है CCS और इसका काम?
सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति (CCS) केंद्र सरकार की सबसे शक्तिशाली समिति मानी जाती है।
यह समिति राष्ट्रीय सुरक्षा, रक्षा नीति, विदेश नीति और संवेदनशील रणनीतिक मामलों पर अंतिम निर्णय लेती है।
CCS की अध्यक्षता प्रधानमंत्री करते हैं। इसमें रक्षा मंत्री, गृह मंत्री, विदेश मंत्री और वित्त मंत्री शामिल होते हैं। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार और तीनों सेनाओं के प्रमुख भी महत्वपूर्ण इनपुट देते हैं।
क्यों अहम है यह बैठक?
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का सीधा असर भारत पर पड़ सकता है।
खाड़ी देशों में करीब 90 लाख भारतीय रहते हैं
ईरान और इजरायल में भी बड़ी संख्या में भारतीय मौजूद हैं
तेल आपूर्ति और व्यापार पर असर की आशंका
हवाई सेवाओं के प्रभावित होने से यात्रा संकट
इन सभी मुद्दों को देखते हुए CCS की यह बैठक बेहद अहम मानी जा रही है।
