
किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन की मुलाकात को लेकर अमेरिका ने सावधानी बरतने की चेतावनी दी है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि किसी भी देश को ईरान को अमेरिकी प्रतिबंधों से बचने में मदद नहीं करनी चाहिए।
रुबियो ने क्या कहा?
फॉक्स न्यूज रेडियो के कार्यक्रम ‘द ब्रायन किलमीड शो’ में रुबियो से पूछा गया कि क्या SCO सम्मेलन में मोदी और पेजेश्कियन की मुलाकात किसी व्यापार समझौते को लेकर हुई थी।
रुबियो ने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि भारत और ईरान के बीच किसी व्यापार समझौते पर चर्चा हुई है। हालांकि, उन्होंने यह भी माना कि हर देश की अपनी विदेश नीति होती है और कई देश ईरान के साथ बातचीत करते हैं।
ईरान की मदद करने पर प्रतिबंध की चेतावनी
रुबियो ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कर दिया है कि कोई भी देश ईरान को अमेरिकी प्रतिबंधों से बचने में मदद न करे।
उनके मुताबिक, ईरान को ऐसे तरीके उपलब्ध नहीं कराए जाने चाहिए जिनसे वह पैसा जुटाकर उसका इस्तेमाल आतंकवाद को समर्थन देने या परमाणु हथियार बनाने की कोशिश में कर सके। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसा करने वाले देशों पर भी अमेरिकी प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं।
मोदी और पेजेश्कियन के बीच क्या हुई बात?
फरवरी में अमेरिका के साथ संघर्ष शुरू होने के बाद मोदी और पेजेश्कियन की यह पहली द्विपक्षीय बैठक थी।
बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने भारत और ईरान के बीच व्यापारिक संबंधों को बढ़ाने और उन्हें और अधिक क्षेत्रों तक फैलाने की बात कही। उन्होंने पश्चिम एशिया में स्थायी शांति के प्रयासों के लिए भारत का समर्थन भी दोहराया।
दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय संघर्ष, नागरिकों और बुनियादी ढांचे की सुरक्षा, नौवहन की स्वतंत्रता और शांति की कोशिशों पर चर्चा की।
