नई दिल्ली। नए वित्त वर्ष 2026-27 की शुरुआत के साथ ही 1 अप्रैल से देशभर में कई अहम नियम बदल गए हैं। इन बदलावों का असर आम आदमी की सैलरी, टैक्स, यात्रा, लोन और रोजमर्रा के खर्चों पर साफ दिखाई देगा। सरकार और नियामक संस्थाओं द्वारा किए गए ये बदलाव आपकी फाइनेंशियल प्लानिंग को सीधे प्रभावित करेंगे।
नया इनकम टैक्स सिस्टम लागू
1 अप्रैल से पुराना आयकर कानून खत्म कर नया इनकम टैक्स सिस्टम लागू कर दिया गया है। अब टैक्स से जुड़े जटिल शब्द जैसे असेसमेंट ईयर और प्रीवियस ईयर हटा दिए गए हैं। उनकी जगह अब “टैक्स ईयर” का इस्तेमाल होगा, जिससे आम करदाताओं के लिए टैक्स प्रक्रिया को समझना आसान हो जाएगा।
सैलरी स्ट्रक्चर में बदलाव
नए लेबर कोड लागू होने की स्थिति में कर्मचारियों की सैलरी स्ट्रक्चर में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। अब बेसिक सैलरी कुल CTC का कम से कम 50% रखना अनिवार्य होगा। इससे PF और ग्रेच्युटी में बढ़ोतरी होगी, लेकिन हर महीने मिलने वाली टेक-होम सैलरी कम हो सकती है।
HRA और ग्रेच्युटी के नए नियम
टैक्स छूट लेने के लिए HRA के नियम भी सख्त कर दिए गए हैं। अब किराए पर रहने वालों को मकान मालिक का PAN और भुगतान का प्रमाण देना जरूरी होगा। वहीं, बेसिक सैलरी बढ़ने से ग्रेच्युटी का फायदा कर्मचारियों को ज्यादा मिलेगा।
LPG सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी
नए वित्त वर्ष की शुरुआत के साथ ही कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतों में इजाफा हुआ है। करीब 218 रुपये की बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में सिलेंडर की कीमत 2078.50 रुपये तक पहुंच गई है, जिससे होटल और रेस्टोरेंट कारोबार पर असर पड़ सकता है।
FASTag से सफर हुआ महंगा
हाईवे पर सफर करने वालों के लिए भी खर्च बढ़ गया है। FASTag के एनुअल पास की कीमत 3000 रुपये से बढ़ाकर 3075 रुपये कर दी गई है। यह पास एक साल या 200 टोल क्रॉसिंग तक मान्य रहेगा।
रेलवे टिकट कैंसिलेशन के नए नियम
रेलवे ने टिकट रद्द करने के नियमों में बदलाव किया है। अब रिफंड ट्रेन के समय के अनुसार मिलेगा। 72 घंटे पहले टिकट कैंसिल करने पर कम कटौती होगी, जबकि 8 घंटे से कम समय बचने पर कोई रिफंड नहीं मिलेगा। इसके अलावा यात्रियों को ट्रेन छूटने से 30 मिनट पहले तक बोर्डिंग स्टेशन बदलने की सुविधा दी गई है।
क्रेडिट स्कोर होगा ज्यादा अपडेट
अब बैंक और वित्तीय संस्थान हर हफ्ते ग्राहकों के लोन डेटा को अपडेट करेंगे। पहले यह प्रक्रिया 15 दिनों में होती थी। इससे क्रेडिट स्कोर ज्यादा सटीक और अपडेटेड रहेगा, जिससे लोन लेने में पारदर्शिता बढ़ेगी।
PAN कार्ड के लिए नए नियम
PAN कार्ड बनवाने के नियमों में भी बदलाव किया गया है। अब केवल आधार कार्ड जन्मतिथि के प्रमाण के रूप में मान्य नहीं होगा। आवेदकों को जन्म प्रमाण पत्र, 10वीं की मार्कशीट या पासपोर्ट जैसे दस्तावेज देना अनिवार्य होगा।
गोल्ड बॉन्ड पर टैक्स का असर
सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड में निवेश करने वालों के लिए टैक्स नियम बदले गए हैं। अगर बॉन्ड सेकेंडरी मार्केट से खरीदा गया है, तो उस पर 12.5% लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स देना होगा। हालांकि, RBI से सीधे खरीदे गए और मैच्योरिटी तक रखे गए बॉन्ड पर छूट जारी रहेगी।
डिजिटल पेमेंट में बढ़ी सुरक्षा
डिजिटल ट्रांजैक्शन को सुरक्षित बनाने के लिए नए नियम लागू किए गए हैं। अब UPI और कार्ड पेमेंट में सिर्फ OTP नहीं, बल्कि टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन अनिवार्य कर दिया गया है।
