Indian Railway Fare Hike: भारतीय रेलवे से सफर करने वाले यात्रियों को शुक्रवार, 26 दिसंबर से महंगी यात्रा का सामना करना पड़ेगा।
रेलवे ने जुलाई के बाद दिसंबर में दूसरी बार किराया संशोधन किया है। नए नियमों के अनुसार 215 किलोमीटर से अधिक की यात्रा करने वाले यात्रियों को अब ज्यादा किराया चुकाना होगा।
रेल मंत्रालय के मुताबिक, यह किराया बढ़ोतरी 1 पैसा प्रति किलोमीटर से लेकर 2 पैसे प्रति किलोमीटर तक की गई है और यह लगभग सभी ट्रेनों पर लागू होगी।
द्वितीय श्रेणी (Second Class) यात्रियों पर कितना पड़ेगा बोझ?
रेलवे के अनुसार, द्वितीय श्रेणी में साधारण यात्रा करने वाले यात्रियों को 215 किमी से अधिक की दूरी पर अतिरिक्त किराया देना होगा।
| दूरी | अतिरिक्त किराया |
|---|---|
| 216–750 किमी | ₹5 |
| 751–1250 किमी | ₹10 |
| 1251–1750 किमी | ₹15 |
| 1751–2250 किमी | ₹20 |
👉 यानी लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों की जेब पर सीधा असर पड़ेगा।
स्लीपर और मेल-एक्सप्रेस ट्रेनों का किराया बढ़ा
- स्लीपर क्लास और फर्स्ट क्लास (साधारण)
👉 गैर-उपनगरीय यात्रा पर 1 पैसा प्रति किलोमीटर की बढ़ोतरी - मेल और एक्सप्रेस ट्रेनें (Non-AC और AC दोनों)
👉 स्लीपर, फर्स्ट क्लास, AC चेयर कार, AC 3-टियर, AC 2-टियर और AC फर्स्ट क्लास में
2 पैसे प्रति किलोमीटर की वृद्धि
उदाहरण:
नॉन-AC मेल/एक्सप्रेस ट्रेन में 500 किमी की यात्रा पर यात्रियों को ₹10 अतिरिक्त देने होंगे।
रेलवे ने क्यों बढ़ाया किराया?
रेलवे ने कहा है कि यह फैसला यात्रियों की वहनीयता और संचालन लागत के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए लिया गया है।
रेलवे का दावा है कि:
- उपनगरीय (लोकल) ट्रेनें
- मासिक सीजन टिकट
- 215 किमी तक की साधारण यात्रा
👉 इन पर कोई किराया वृद्धि नहीं की गई है।
रेलवे को इस फैसले से चालू वित्तीय वर्ष में करीब ₹600 करोड़ अतिरिक्त राजस्व मिलने की उम्मीद है।
इन ट्रेनों की यात्रा होगी महंगी
संशोधित किराया इन प्रमुख ट्रेनों पर लागू होगा:
- राजधानी एक्सप्रेस
- शताब्दी एक्सप्रेस
- दुरंतो
- वंदे भारत एक्सप्रेस
- तेजस
- गतिमान
- हमसफर
- अमृत भारत
- गरीब रथ
- अंत्योदय
- जन शताब्दी
- युवा एक्सप्रेस
- नमो भारत रैपिड रेल
👉 यह बढ़ा हुआ किराया 26 दिसंबर या उसके बाद बुक किए गए टिकटों पर लागू होगा।
एक साल में दूसरी बार बढ़ाया गया रेल किराया
रेलवे ने इससे पहले जुलाई 2025 में भी किराया बढ़ाया था।
- नॉन-AC श्रेणी में: 0.5 से 1 पैसा प्रति किमी
- AC श्रेणी में: 2 पैसे प्रति किमी
हालांकि, लोकल ट्रेनें और छोटी दूरी की यात्राएं तब भी किराया बढ़ोतरी से बाहर रखी गई थीं।
इससे पहले रेलवे ने 2020 में किराया बढ़ाया था।
