ईरान युद्ध और वैश्विक एलपीजी संकट के बीच सरकार ने ESMA (Essential Services Maintenance Act) लागू कर घरेलू प्राकृतिक गैस आपूर्ति सुनिश्चित करने का फैसला किया है। इसका मुख्य उद्देश्य यह है कि जरूरी सेवाओं में कोई बाधा न आए और नागरिकों की दैनिक जीवन प्रभावित न हो।
ESMA लागू करने का कारण
हाल के अंतरराष्ट्रीय हालात को देखते हुए सरकार ने आपातकालीन प्रावधानों के तहत ESMA लागू किया है। इसके तहत प्राकृतिक गैस की सप्लाई को प्राथमिकता के आधार पर बांटा गया है, ताकि घरेलू, उद्योग और अन्य आवश्यक क्षेत्रों को पर्याप्त मात्रा में गैस मिल सके और किसी भी तरह का संकट टाला जा सके।
ESMA क्या है?
ESMA यानी Essential Services Maintenance Act, 1968 में संसद द्वारा बनाया गया कानून है। इसका उद्देश्य जरूरी सेवाओं की आपूर्ति सुनिश्चित करना है। इस कानून के तहत ऐसे कर्मचारी जो जरूरी सेवाओं में काम करते हैं, उन्हें हड़ताल या काम बंद करने की अनुमति नहीं होती। यदि कोई कर्मचारी काम से इंकार करता है, तो सरकार उसे काम पर लौटने का निर्देश दे सकती है।
प्राथमिकता के आधार पर गैस आपूर्ति
सरकार ने प्राकृतिक गैस आपूर्ति को चार प्राथमिक सेक्टर्स में बांटा है:
प्राथमिकता सेक्टर 1
घरेलू पाइप्ड प्राकृतिक गैस (PNG)
परिवहन के लिए संपीड़ित प्राकृतिक गैस (CNG)
एलपीजी उत्पादन और आवश्यक गैस
पाइपलाइन कम्प्रेसर ईंधन और अन्य जरूरी पाइपलाइन संचालन
इन सेक्टरों को उनके पिछले 6 महीनों के औसत खपत के 100% तक गैस उपलब्ध कराई जाएगी।
प्राथमिकता सेक्टर 2
उर्वरक प्लांट्स को पिछले 6 महीनों की औसत खपत का 70% गैस
गैस का इस्तेमाल केवल उर्वरक उत्पादन के लिए
अन्य यूनिट में गैस स्थानांतरित नहीं की जा सकती
प्राथमिकता सेक्टर 3
राष्ट्रीय गैस ग्रिड के माध्यम से चाय उद्योग, मैन्युफैक्चरिंग और अन्य औद्योगिक उपभोक्ताओं को पिछले 6 महीनों की औसत खपत का 80% गैस
PPAC और इंडस्ट्री कमेटी के समन्वय से नियम बनाए जाएंगे
प्राथमिकता सेक्टर 4
सभी सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD) नेटवर्क के माध्यम से औद्योगिक और व्यावसायिक उपभोक्ताओं को पिछले 6 महीनों की औसत खपत का 80% गैस
नियम PPAC और इंडस्ट्री कमेटी के साथ तय किए जाएंगे
गैस का पुनर्वितरण
प्राथमिक सेक्टरों की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए कुछ सेक्टरों में गैस की आपूर्ति कम की जा सकती है। जैसे कि पेट्रोकेमिकल यूनिट्स या पावर प्लांट्स। तेल शोधन कंपनियों को पिछले 6 महीनों की खपत का लगभग 65% गैस उपलब्ध कराई जाएगी।
