देहरादून में सामने आए अर्जुन हत्याकांड ने रिश्तों को शर्मसार कर दिया। संपत्ति और पैसों के लालच में एक मां ने ही अपने बेटे की हत्या की साजिश रच डाली।
मृतक अर्जुन शर्मा के पिता कर्नल रमेश चंद्र शर्मा सेना में सेवा के दौरान शहीद हुए थे। इसके बाद केंद्र सरकार ने उनकी पत्नी बीना शर्मा को आजीविका के लिए गैस एजेंसी आवंटित की थी। यही एजेंसी और उससे जुड़ी जमीन मां-बेटे के बीच विवाद की वजह बन गई।
संपत्ति विवाद से बढ़ी दूरियां
गैस एजेंसी और जमीन दोनों के नाम पर थे। संपत्ति को लेकर मां और बेटे के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। मामला कोर्ट और पुलिस तक पहुंच चुका था। बीना शर्मा ने बेटे से खतरा बताते हुए हाईकोर्ट से सुरक्षा भी ले रखी थी। इसके बाद अर्जुन अलग किराए के मकान में रहने लगा।
14 करोड़ की प्रॉपर्टी डील बना कारण
जीएमएस रोड स्थित संपत्ति को लेकर डॉ. अजय खन्ना से 14 करोड़ रुपये में सौदा हुआ था। इसमें से 8 करोड़ रुपये बीना शर्मा को मिल चुके थे, जिन्हें उन्होंने अपने परिचित विनोद उनियाल के खाते में ट्रांसफर कर दिया।
इसी बीच अर्जुन ने अदालत से प्रॉपर्टी की बिक्री पर स्टे ले लिया। इससे खरीदार को कब्जा नहीं मिल सका और पैसों का दबाव बढ़ता गया। इसी तनाव ने साजिश का रूप ले लिया।
12 लाख में बुलाए गए शूटर
पुलिस के अनुसार, अर्जुन को रास्ते से हटाने के लिए 12 लाख रुपये में दो लोगों को सुपारी दी गई। इनमें पंकज राणा और उसका भाई राजीव राणा शामिल हैं। पंकज ड्राइवर है, जबकि राजीव ऑटो चलाता है। दोनों को 3 लाख रुपये एडवांस दिए गए थे और बाकी रकम काम होने के बाद देने की बात तय हुई थी।
इस सनसनीखेज मामले में मां बीना शर्मा, विनोद उनियाल और डॉ. अजय खन्ना की भूमिका की जांच की जा रही है। यह घटना बताती है कि जब लालच हावी हो जाता है, तो रिश्ते भी बेमानी हो जाते हैं।
