
आरंग। शिक्षक शिवकुमार चंद्राकर की हत्या की गुत्थी सुलझाने का दावा करते हुए पुलिस ने उसके साथी शिक्षक चंद्रप्रकाश वर्मा को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, दोनों के बीच करीब 30 लाख रुपये का आर्थिक लेन-देन था। तीन महीने से ब्याज नहीं मिलने को लेकर चल रहा विवाद आखिरकार हत्या तक पहुंच गया।
मामले की जांच में पुलिस को आरोपी और मृतक के बीच पुरानी पहचान के साथ-साथ कारोबार से जुड़े लेन-देन की जानकारी मिली। दोनों पिछले करीब चार साल से एक-दूसरे को जानते थे और रेत, रियल एस्टेट तथा बुलियन मार्केट में निवेश और ट्रेडिंग करते थे।
ऐसे सामने आया 30 लाख रुपये का कनेक्शन
पुलिस पूछताछ में चंद्रप्रकाश ने बताया कि उसने शिवकुमार को करीब 30 लाख रुपये दिए थे। इसके बदले उसे छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक के तीन ब्लैंक चेक मिले थे। आरोपी के अनुसार, पिछले तीन महीने से ब्याज नहीं मिलने के कारण वह रकम की मांग कर रहा था।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने यह भी दावा किया कि पैसे वापस मांगने पर शिवकुमार उसके साथ गाली-गलौज करता और जान से मारने की धमकी देता था। पुलिस अब आरोपी के इन दावों और पूरे लेन-देन की जांच कर रही है।
17 सितंबर की सुबह क्या हुआ?
घटना वाले दिन दोनों की मुलाकात कुम्हारी स्कूल के बाहर पटवारी कार्यालय के पास हुई थी। पुलिस के अनुसार, करीब 10 बजे पैसों को लेकर बातचीत के बाद दोनों सफेद स्कूटी से बनचरौदा की तरफ गए।
आरोप है कि सुनसान जगह पर पहुंचने के बाद विवाद फिर बढ़ गया। इसी दौरान चंद्रप्रकाश ने स्कूटी में रखे धारदार हथियार से शिवकुमार के सिर के पीछे हमला किया। उसके गिरने के बाद हथौड़े से सिर और चेहरे पर कई वार किए गए।
स्कूल में मौजूदगी का रिकॉर्ड भी जांच में आया
पुलिस की जांच में आरोपी की उस दिन की गतिविधियों को लेकर तकनीकी जानकारी भी सामने आई। चंद्रप्रकाश सुबह करीब 9:35 बजे स्कूल पहुंचा था। इसके बाद मोबाइल की लोकेशन बंद कर वह निजी काम बताकर बाहर चला गया।
दोपहर करीब 12:50 बजे स्कूल लौटने के बाद उसने अपना मोबाइल घर पर होने की बात कही। पुलिस के अनुसार, उसने दूसरे शिक्षक के मोबाइल से VSK ऐप पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। पुलिस ने ऐप की लॉग रिपोर्ट और CCTV फुटेज को जांच में अहम माना है।
आखिरी बार साथ देखे जाने की जानकारी बनी अहम सुराग
17 सितंबर को बनचरौदा के पास शव मिलने की सूचना के बाद पुलिस ने जांच शुरू की थी। मृतक की पहचान रामपुर डंगनिया निवासी 46 वर्षीय शिक्षक शिवकुमार चंद्राकर के रूप में हुई। उसके सिर और चेहरे पर धारदार और कठोर वस्तु से गंभीर चोटों के निशान मिले थे।
फॉरेंसिक, डॉग स्क्वाड और साइबर टीम की मदद से जांच आगे बढ़ी। इसी दौरान ग्रामीणों और एक चरवाहे ने पुलिस को बताया कि शिवकुमार को घटना वाले दिन चंद्रप्रकाश के साथ सफेद स्कूटी पर बनचरौदा की ओर जाते देखा गया था। इसके बाद स्कूल के CCTV और VSK रिकॉर्ड की पड़ताल की गई।
पुलिस ने क्या-क्या बरामद किया?
पुलिस ने आरोपी के मेमोरेंडम कथन के आधार पर सफेद स्कूटी, धारदार हथियार और हथौड़ा जब्त किया है। मृतक के तीन ब्लैंक चेक और पर्स भी बरामद किए गए हैं। दोनों के मोबाइल फोन के साथ आरोपी के घटना के समय पहने कपड़े, जूते और मोजे भी जब्त किए गए।
चंद्रप्रकाश वर्मा को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजने की कार्रवाई की गई है। पुलिस के मुताबिक, मामले की विवेचना अभी जारी है।
