
डोंगरगढ़। घर के एक पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होने डोंगरगढ़ आईं 67 वर्षीय निर्मला बोरकर ने मां बम्लेश्वरी के दर्शन की इच्छा जताई थी। गुरुवार सुबह वे अपनी बहन और भाभी के साथ मंदिर के लिए निकलीं, लेकिन यह यात्रा दर्शन तक नहीं पहुंच सकी। मंदिर से करीब 100 सीढ़ियां पहले ही निर्मला की तबीयत बिगड़ी और बाद में अस्पताल में उनकी मौत हो गई।
निर्मला भंडारा जिले के डोंगरगांव की रहने वाली थीं। उनके पति रमेश बोरकर किसान हैं। परिवार में एक बेटा और दो बेटियां हैं। परिजनों के मुताबिक, निर्मला पहली बार डोंगरगढ़ आई थीं और मां बम्लेश्वरी के दर्शन करना चाहती थीं।
गृह प्रवेश के बाद बनाया था दर्शन का कार्यक्रम
15 सितंबर को पावर हाउस क्षेत्र स्थित घर में गृह प्रवेश का कार्यक्रम था। निर्मला इसी कार्यक्रम में शामिल होने एक दिन पहले डोंगरगढ़ पहुंची थीं। कार्यक्रम पूरा होने के बाद उन्होंने मंदिर जाकर मां बम्लेश्वरी के दर्शन करने की इच्छा बताई।
गुरुवार सुबह छोटी बहन सुलोचना और भाभी के साथ तीनों पैदल मंदिर की ओर रवाना हुईं। गर्मी ज्यादा होने की वजह से रास्ते में निर्मला ने नींबू पानी भी पिया। इसके बाद वे आराम-आराम से सीढ़ियां चढ़ती रहीं।
दादी माता मंदिर के पास अचानक बैठ गईं
सीढ़ियां चढ़ते हुए तीनों दादी माता मंदिर के पास पहुंचीं। इसी दौरान निर्मला अचानक रुककर बैठ गईं। उन्होंने सीने में दर्द होने की जानकारी परिजनों को दी। उनकी हालत बिगड़ती देखकर परिजन तुरंत मंदिर कार्यालय पहुंचे और मदद मांगी।
सूचना मिलते ही मां बम्लेश्वरी ट्रस्ट के कर्मचारी मौके पर पहुंचे। उस समय रोपवे मेंटेनेंस के चलते बंद था। महिला की स्थिति को देखते हुए ट्रस्ट ने रोपवे तत्काल शुरू कराया। निर्मला के साथ उनकी बहन और भाभी को भी नीचे लाया गया।
इसके बाद ट्रस्ट की एंबुलेंस से उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। डॉक्टरों ने जांच के बाद निर्मला को मृत घोषित कर दिया।
बहन ने कहा- पहली बार दर्शन करना चाहती थीं
निर्मला की मौत के बाद उनकी बहन सुलोचना भावुक हो गईं। उन्होंने बताया कि निर्मला इससे पहले कभी डोंगरगढ़ नहीं आई थीं। इस बार उन्होंने पहली बार मां बम्लेश्वरी के दर्शन करने की इच्छा जताई थी।
दोनों बहनें और उनकी भाभी मंदिर की सीढ़ियां चढ़ते हुए दर्शन के काफी करीब पहुंच चुकी थीं, लेकिन करीब 100 सीढ़ियां बाकी रहते ही निर्मला की तबीयत बिगड़ गई और उनकी दर्शन की इच्छा अधूरी रह गई।
ट्रस्ट ने तुरंत शुरू कराया रोपवे
मां बम्लेश्वरी ट्रस्ट के अध्यक्ष मनोज अग्रवाल ने बताया कि महिला ने दादी माता मंदिर के पास सीने में दर्द की शिकायत की थी। सूचना मिलने पर ट्रस्ट की टीम ने तत्काल सहायता उपलब्ध कराई।
उन्होंने बताया कि मेंटेनेंस के कारण बंद रोपवे को महिला को नीचे लाने के लिए तुरंत चालू कराया गया। इसके बाद एंबुलेंस से उन्हें अस्पताल भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। घटना पर ट्रस्ट समिति ने संवेदना व्यक्त की है।
