
नई दिल्ली। भारत और चीन के बीच सीमा विवाद को लेकर लंबे समय से जारी तनाव के बीच रक्षा मंत्रालय की रिपोर्ट में अहम जानकारी सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2025 में चीन की पीपल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) ने भारत की उत्तरी सीमाओं के सामने अपनी सैन्य तैनाती में काफी कमी की। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि चीन ने LAC से अपने सभी सैनिक हटा लिए हैं।
चीन की कितनी सेना तैनात रही?
रक्षा मंत्रालय की वार्षिक रिपोर्ट 2025-26 के अनुसार, 2025 में उत्तरी सीमाओं के सामने PLA की तैनाती में महत्वपूर्ण कमी देखी गई। इसके बावजूद LAC से जुड़े इलाकों और पारंपरिक ट्रेनिंग क्षेत्रों में कंबाइंड आर्म्स ब्रिगेड के आकार की 10-10 टुकड़ियां तैनात रहीं।
कंबाइंड आर्म्स ब्रिगेड ऐसी सैन्य इकाई होती है, जिसमें अलग-अलग सैन्य क्षमताएं एक साथ काम करती हैं। इसमें पैदल सैनिकों के अलावा टैंक, तोपखाने और अन्य सैन्य संसाधन शामिल हो सकते हैं।
भारतीय सेना भी मजबूत स्थिति में
रक्षा मंत्रालय ने कहा कि LAC के सभी सेक्टरों में भारतीय सेना की तैनाती मजबूत और अच्छी स्थिति में रही। सेना किसी भी अचानक पैदा होने वाली चुनौती से निपटने के लिए तैयार है।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि भारत ने उत्तरी सीमाओं पर अपनी रक्षा तैयारियों को मजबूत किया है। इसमें नए उपकरणों और सैन्य क्षमताओं को शामिल करना भी बताया गया है।
गलवान हिंसा के बाद रिश्तों में सुधार
भारत और चीन के बीच तनाव जून 2020 में गलवान घाटी की हिंसक झड़प के बाद काफी बढ़ गया था। इस घटना में भारत के 20 जवान शहीद हुए थे। चीन ने बाद में अपने 5 सैनिकों की मौत की पुष्टि की थी।
इसके बाद दोनों देशों के बीच सीमा पर तनाव कम करने और रिश्तों को सामान्य बनाने के लिए बातचीत जारी रही। 2024 में पूर्वी लद्दाख के देपसांग और डेमचोक क्षेत्रों में सैनिकों की वापसी को लेकर समझौता हुआ था।
बातचीत से सुधरे हालात
रक्षा मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार, 2025 में भारत और चीन के बीच राजनीतिक, कूटनीतिक और सैन्य स्तर पर बातचीत बढ़ी।
- मार्च और जुलाई 2025 में WMCC की 33वीं और 34वीं बैठक हुई।
- सीमा विवाद पर विशेष प्रतिनिधियों की बातचीत दिसंबर 2024 और अगस्त 2025 में हुई।
- अगस्त 2025 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चीन के तियानजिन में SCO शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया।
मंत्रालय के मुताबिक, इन बातचीत से उत्तरी सीमाओं पर सकारात्मक बदलाव और स्थिरता लाने में मदद मिली।
क्या यह भारत की बड़ी सैन्य जीत है?
रिपोर्ट में चीन की सैन्य तैनाती में कमी और भारत की मजबूत रक्षा स्थिति का उल्लेख है। लेकिन इसमें यह स्पष्ट नहीं कहा गया है कि भारत की घेराबंदी के कारण चीन को सैनिक पीछे हटाने पड़े।
इसलिए इसे भारत की सैन्य तैयारी और कूटनीतिक प्रयासों से जुड़े सकारात्मक घटनाक्रम के रूप में देखना सही होगा। सीमा विवाद अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है और LAC पर सतर्कता जारी है।
