
नई दिल्ली। भारत की मेजबानी में हो रहे 18वें BRICS शिखर सम्मेलन के बीच भारत-रूस संबंधों को लेकर एक अहम तस्वीर सामने आई है। सम्मेलन की औपचारिक शुरुआत से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच भारत मंडपम में द्विपक्षीय वार्ता शुरू हो गई है। बैठक में दोनों देशों के रणनीतिक, रक्षा और आपसी सहयोग से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है।
बैठक से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने पुतिन का गर्मजोशी से स्वागत किया। दोनों नेताओं ने पहले हाथ मिलाया और फिर गले मिलकर भारत और रूस के बीच लंबे समय से चले आ रहे करीबी संबंधों का संदेश दिया।
तड़के दिल्ली पहुंचे पुतिन
राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ तड़के करीब 3 बजे दिल्ली पहुंचे थे। राजधानी पहुंचने के कुछ घंटे बाद ही उनकी प्रधानमंत्री मोदी के साथ यह अहम बैठक हुई। BRICS सम्मेलन के लिहाज से दोनों नेताओं की मुलाकात को खासा महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मुलाकात के दौरान प्रधानमंत्री मोदी पारंपरिक गोल्डन-क्रीम रंग के भारतीय परिधान में नजर आए, जबकि राष्ट्रपति पुतिन ब्लैक फॉर्मल सूट में दिखाई दिए।
पुतिन को मिला भारत की साहित्यिक विरासत से जुड़ा खास तोहफा
प्रधानमंत्री मोदी ने रूसी राष्ट्रपति के लिए भारत की सांस्कृतिक और साहित्यिक परंपरा से जुड़ा विशेष उपहार भी तैयार रखा था। उन्होंने पुतिन को तमिल कवि और दार्शनिक संत तिरुवल्लुवर की प्रसिद्ध रचना ‘तिरुक्कुरल’ का रूसी भाषा में अनुवादित विशेष संस्करण भेंट किया।
‘तिरुक्कुरल’ तमिल साहित्य की महत्वपूर्ण कृतियों में शामिल है। इसके 1,330 दोहों में नैतिकता, सदाचार, शासन और जीवन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विचार प्रस्तुत किए गए हैं।
रक्षा सहयोग पर टिकी नजर
मोदी-पुतिन वार्ता में रक्षा क्षेत्र से जुड़े मुद्दे भी प्रमुख एजेंडे में रहने की संभावना है। रूस की ओर से भारत को Su-57 पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान उपलब्ध कराने के प्रस्ताव और भारत को S-400 वायु रक्षा प्रणाली की शेष डिलीवरी पूरी करने जैसे मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।
इसके साथ ही भारत और रूस के बीच ब्रह्मोस मिसाइल सिस्टम के उन्नत संस्करण के संयुक्त विकास को लेकर भी बातचीत आगे बढ़ने की उम्मीद है।
BRICS मंच पर होने वाली व्यापक चर्चाओं से पहले मोदी और पुतिन की यह द्विपक्षीय बैठक ऐसे समय में हो रही है, जब दोनों देशों के बीच रक्षा और रणनीतिक सहयोग को और मजबूत करने पर खास जोर दिया जा रहा है।
