
नई दिल्ली। पैलेट गन के इस्तेमाल से जुड़े मामले को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने दिल्ली पुलिस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। राहुल गांधी शुक्रवार को पीड़ित साहिल लोहबच के साथ संसद मार्ग थाने पहुंचे और मामले में FIR दर्ज करने की मांग की। इसके बाद वह थाने के बाहर ही धरने पर बैठ गए।
दरअसल, जंतर-मंतर पर CJP के आंदोलन के दौरान पुलिस पर पैलेट गन इस्तेमाल करने का आरोप लगा था। राहुल गांधी इसी मामले की जांच की स्थिति जानने के लिए दिल्ली पुलिस के डीसीपी कार्यालय पहुंचे थे। उनके साथ साहिल भी मौजूद था, जिसे इस मामले में पैलेट गन का पीड़ित बताया जा रहा है।
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि साहिल के मामले में अब तक FIR दर्ज नहीं की गई है। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से जांच की मौजूदा स्थिति और अब तक हुई कार्रवाई की जानकारी मांगी। अधिकारियों से मुलाकात के बाद राहुल बाहर आए और अचानक धरने पर बैठ गए।
कई कांग्रेस नेता भी पहुंचे
राहुल गांधी के धरने की जानकारी मिलते ही कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता भी मौके पर पहुंच गए। इनमें रणदीप सिंह सुरजेवाला और कुमारी शैलजा समेत कई नेता शामिल बताए गए हैं। थाने के बाहर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी और मीडियाकर्मी भी मौजूद हैं।
राहुल गांधी का कहना है कि मामले में शिकायतों पर कार्रवाई होनी चाहिए। कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर सरकार और पुलिस पर दबाव बनाने की कोशिश कर रही है।
20 जुलाई को हुआ था विवाद
CJP के आंदोलन के दौरान 20 जुलाई को संसद की ओर मार्च निकाला गया था। इसी दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई थी। आरोप है कि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर पैलेट गन का इस्तेमाल किया था। इसी घटना को लेकर साहिल का मामला सामने आया।
CJP का आंदोलन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर शुरू हुआ था और 25 जुलाई को समाप्त हुआ।
सुप्रीम कोर्ट ने गठित की जांच कमेटी
पैलेट गन के इस्तेमाल और पुलिस की कार्रवाई को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने पांच सदस्यीय हाई पावर्ड एन्क्वायरी कमेटी भी बनाई है। यह कमेटी पुलिस द्वारा कथित तौर पर जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग और प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों के खिलाफ हुई हिंसा, दोनों पहलुओं की जांच करेगी।
कमेटी की अध्यक्षता पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज जस्टिस आर. सुभाष रेड्डी करेंगे। 18 अगस्त को इसके गठन का आदेश दिया गया था।
अब राहुल गांधी के थाने के बाहर धरने के बाद इस मामले में FIR और पुलिस की कार्रवाई को लेकर सियासी दबाव बढ़ गया है। आगे पुलिस की कार्रवाई और जांच कमेटी की रिपोर्ट से मामले की स्थिति और स्पष्ट होगी।
