
दिल्ली: रोहिणी में एक व्यापारी के घर कुछ लोग अचानक पहुंचे और खुद को CBI की टीम बताने लगे। दावा था कि घर पर कार्रवाई होनी है। करीब 8 से 10 लोगों की मौजूदगी और CBI से जुड़े कपड़ों ने परिवार को दबाव में लेने की कोशिश की, लेकिन घर की महिला ने बिना जांच-पड़ताल के उनकी बात मानने से इनकार कर दिया।
महिला ने दरवाजा खोलने के बजाय उनसे कार्रवाई का आधिकारिक आदेश और सर्च वारंट दिखाने को कहा। यही बात कथित फर्जी टीम के लिए परेशानी बन गई। बाहर खड़े लोग काफी देर तक दबाव बनाने की कोशिश करते रहे, लेकिन उन्हें अंदर प्रवेश नहीं मिला।
मामला तब और खुलने लगा जब आसपास के लोग भी वहां पहुंच गए। भीड़ के सामने दस्तावेज दिखाने की बात आई तो संदिग्धों ने कहा कि नोटिस गाड़ी में रखा हुआ है। इसके बाद वे कागज लाने का बहाना बनाकर वहां से निकल गए। इसके बाद उनका कोई पता नहीं चला।
परिवार ने तुरंत पुलिस को 112 पर सूचना दी। शिकायत में एक WhatsApp नोटिस का भी जिक्र है, जिसे बाद में परिवार के सदस्य को भेजा गया था। इस नोटिस पर कथित तौर पर CBI निदेशक का नाम और हस्ताक्षर थे। मैसेज डिलीट होने के बावजूद उसका स्क्रीनशॉट परिवार ने सुरक्षित रखा और जांच टीम को सौंप दिया।
अब पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल आरोपियों की पहचान का है। घर के आसपास लगे CCTV कैमरों में पूरी गतिविधि रिकॉर्ड हुई है। पुलिस फुटेज और मिले अन्य सबूतों को खंगालकर यह पता लगाने में जुटी है कि इस फर्जी CBI टीम के पीछे कौन लोग थे और उनका असली मकसद क्या था।
