
रायपुर। छत्तीसगढ़ में इंटर्न डॉक्टरों के स्टाइपेंड का मुद्दा फिलहाल टल गया है। करीब 20 दिनों से अलग-अलग चरणों में विरोध कर रहे इंटर्न डॉक्टरों ने स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल से मुलाकात के बाद आंदोलन स्थगित कर दिया है। सरकार ने स्टाइपेंड बढ़ाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने और इसी महीने इस पर फैसला लेने का भरोसा दिया है।
दरअसल, प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में इंटर्न डॉक्टर मौजूदा स्टाइपेंड को लेकर लंबे समय से असंतोष जता रहे थे। उनका कहना है कि वर्तमान में उन्हें 15,900 रुपये प्रतिमाह मिलते हैं, जबकि बीते वर्षों में महंगाई और रोजमर्रा के खर्च में काफी बढ़ोतरी हुई है। इसी आधार पर स्टाइपेंड को 30 हजार रुपये महीना करने की मांग उठाई गई है।
मंत्री से मुलाकात के बाद बदला आंदोलन का रुख
बुधवार को इंटर्न डॉक्टरों का प्रतिनिधिमंडल स्वास्थ्य मंत्री से मिला। बातचीत में मंत्री ने बताया कि स्टाइपेंड बढ़ाने से जुड़ी प्रशासनिक कार्रवाई शुरू की जा चुकी है। विभागीय स्तर पर प्रक्रिया को तेज करने की बात भी कही गई है। सरकार की ओर से इसी महीने सकारात्मक निर्णय का आश्वासन मिलने के बाद डॉक्टरों ने फिलहाल अपना आंदोलन रोक दिया।
हालांकि, 30 हजार रुपये का स्टाइपेंड अभी स्वीकृत नहीं हुआ है। यह इंटर्न डॉक्टरों की मांग है और अंतिम राशि सरकार के आधिकारिक आदेश के बाद ही स्पष्ट होगी।
करीब एक हजार इंटर्न डॉक्टरों पर असर
इंटर्न डॉक्टरों का कहना है कि प्रशिक्षण के साथ उन्हें अस्पतालों में मरीजों की देखभाल, वार्ड और इमरजेंसी से जुड़ी ड्यूटी समेत कई जिम्मेदारियां निभानी पड़ती हैं। ऐसे में उनका तर्क है कि मौजूदा स्टाइपेंड उनकी जिम्मेदारियों और बढ़ते खर्च के मुकाबले कम है।
अब डॉक्टरों की नजर सरकार के अगले कदम पर है। अगर तय समय में स्टाइपेंड बढ़ाने को लेकर आदेश जारी होता है, तो आंदोलन दोबारा शुरू करने की स्थिति नहीं बनेगी। फिलहाल सरकार के आश्वासन के बाद करीब 20 दिन से चल रहा विरोध थम गया है।
