
रायपुर। हरेली तिहार के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की टिप्पणी अब राजनीतिक विवाद का मुद्दा बन गई है। उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने बघेल के बयान पर पलटवार करते हुए इसे लोकतांत्रिक मर्यादा के खिलाफ बताया।
साव ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री जैसे पद पर रह चुके व्यक्ति से ऐसी भाषा की उम्मीद नहीं की जाती। उन्होंने भूपेश बघेल पर निशाना साधते हुए कहा कि राजनीति में मतभेद हो सकते हैं, लेकिन भाषा की मर्यादा बनाए रखना जरूरी है।
दरअसल, हरेली कार्यक्रम के दौरान भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया पर चल रहे ‘56 इंच का छोटा बंदर, बाल नरेंद्र’ वाले पोस्ट का जिक्र किया था। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की 56 इंच सीने वाली छवि बनाने में काफी मेहनत लगी थी, लेकिन बच्चों ने एक मिनट में उस छवि को बदल दिया। इसी टिप्पणी को लेकर भाजपा ने कांग्रेस पर हमला तेज कर दिया है।
झारखंड के मुद्दे पर कांग्रेस को घेरा
अरुण साव ने कांग्रेस पर दोहरे रवैये का आरोप लगाते हुए झारखंड में छात्रों से जुड़े विवाद का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि छात्रों के साथ अगर गलत व्यवहार हो रहा है तो कांग्रेस और भूपेश बघेल को इस पर भी अपनी बात रखनी चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस एक तरफ अलग-अलग मुद्दों पर बयान देती है, जबकि दूसरे मामलों में चुप रहती है। साव ने कहा कि कांग्रेस देश में भ्रम और अराजकता का माहौल बनाने की कोशिश कर रही है।
ED मामले में भी कांग्रेस पर हमला
ED की कार्रवाई के विरोध को लेकर भी साव ने कांग्रेस को घेरा। उन्होंने दावा किया कि जांच में 3,000 करोड़ रुपये से ज्यादा के भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। साव ने आरोप लगाया कि कांग्रेस जिस तरह से कार्रवाई का विरोध कर रही है, उससे उसकी स्थिति पर सवाल उठते हैं।
स्काईवॉक को लेकर भी साधा निशाना
रायपुर के अधूरे स्काईवॉक को लेकर साव ने कहा कि इसके लिए पिछली कांग्रेस सरकार जिम्मेदार है। उनका आरोप है कि कांग्रेस सरकार के दौरान लंबे समय तक काम आगे नहीं बढ़ा। साव ने कहा कि मौजूदा सरकार पुराने और रुके हुए काम को पूरा करने में जुटी है।
आदिवासी मामलों की होगी समीक्षा
निर्दोष आदिवासियों की रिहाई की मांग पर उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार संबंधित मामलों की जांच और समीक्षा कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार ने जो वादे किए हैं, उन्हें पूरा करने की दिशा में काम किया जा रहा है।
बारिश के बाद तेज होंगे निर्माण कार्य
सड़कों और सरकारी भवनों के निर्माण को लेकर साव ने कहा कि सरकार की कोशिश काम को तय समय में और बेहतर गुणवत्ता के साथ पूरा कराने की है। बारिश के दौरान जरूरी प्रक्रियाएं पूरी की जाएंगी और मौसम खुलने के बाद सड़क निर्माण, मरम्मत और भवनों के काम में तेजी लाई जाएगी।
