
बांग्लादेश की राजधानी ढाका में शुक्रवार को हजारों हिंदू सड़कों पर उतर आए। भगवान राम की तस्वीर के कथित अपमान और राम की विशाल मूर्ति का निर्माण रोके जाने के विरोध में लोगों ने मशाल जुलूस निकाला और ‘जय श्री राम’ के नारे लगाए।
हिंदू संगठनों के आह्वान पर बड़ी संख्या में लोग शाहबाग चौराहे पर जुटे और वहां से नेशनल प्रेस क्लब तक मार्च किया। प्रदर्शनकारियों ने दोषियों की गिरफ्तारी और राम मूर्ति निर्माण का काम फिर से शुरू कराने की मांग की।
क्या है विवाद?
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि इस महीने की शुरुआत में गाइबांधा में एक प्रदर्शन के दौरान भगवान राम की तस्वीर का अपमान किया गया था। इस मामले में केस दर्ज होने के बावजूद अब तक किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है, जिससे हिंदू समुदाय में नाराजगी बढ़ गई है।
क्यों रुका राम मूर्ति का निर्माण?
गाइबांधा जिले के पलाशबाड़ी में भगवान राम की 81 फीट ऊंची मूर्ति बनाई जा रही थी। बताया जा रहा है कि कट्टरपंथी समूहों की धमकियों के बाद इसका निर्माण कार्य रोक दिया गया। मंदिर समिति का कहना है कि सामाजिक तनाव को देखते हुए फिलहाल काम बंद किया गया है।
इस परियोजना में भगवान कृष्ण और भगवान शिव की विशाल मूर्तियां भी प्रस्तावित हैं। परियोजना की लागत करीब 22 करोड़ बांग्लादेशी टका बताई जा रही है।
सरकार को दिया 72 घंटे का समय
हिंदू संगठनों ने सरकार को 72 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी है कि यदि आरोपियों की गिरफ्तारी और मूर्ति निर्माण दोबारा शुरू नहीं हुआ तो देशभर में बड़े आंदोलन किए जाएंगे। शनिवार को धार्मिक मामलों के मंत्रालय को ज्ञापन भी सौंपा जाएगा।
अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पर बढ़ी चिंता
बांग्लादेश में हिंदू समुदाय देश की आबादी का लगभग 8 प्रतिशत है। हाल के वर्षों में अल्पसंख्यकों पर हमलों और सांप्रदायिक घटनाओं को लेकर चिंता बढ़ी है। इसी वजह से हिंदू संगठनों ने सरकार से सुरक्षा और धार्मिक अधिकारों की रक्षा की मांग की है।
