मुंगेली। छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले में हुए रिटायर्ड लेखापाल हत्याकांड का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। इस मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि हत्या की साजिश किसी और ने नहीं, बल्कि मृतक के अपने सगे भाई और परिवार के लोगों ने ही रची थी।
पुलिस जांच में पता चला कि करोड़ों की संपत्ति हड़पने के लालच में आरोपियों ने पूरी प्लानिंग के साथ इस वारदात को अंजाम दिया। इसके लिए सुपारी देकर पहले अपहरण किया गया और फिर हत्या कर दी गई। इस केस में कुल 15 लोगों को पकड़ा गया है।
कैसे खुला मामला?
लालपुर थाना क्षेत्र से लापता हुए दामोदर सिंह राजपूत की तलाश के दौरान पुलिस ने CCTV फुटेज और “त्रिनयन ऐप” की मदद से एक संदिग्ध गाड़ी की पहचान की। इसी सुराग से पूरी साजिश का पर्दाफाश हुआ।
ऐसे रची गई पूरी साजिश
जांच में सामने आया कि आरोपियों ने पहले दामोदर और उनके बेटे के बीच चल रहे विवाद का फायदा उठाया। फिर उन्हें बेटे से खतरे का डर दिखाकर उनकी संपत्ति अपने नाम करा ली। बेटे को बेदखल करने के लिए फर्जी दस्तावेज भी तैयार किए गए।
हत्या और सबूत मिटाने की कोशिश
घटना वाले दिन आरोपियों ने दामोदर सिंह को सुनसान जगह पर रोका और गला घोंटकर हत्या कर दी। इसके बाद शव को दूसरे जिले के जंगल में दफना दिया गया।
पुलिस को भ्रमित करने के लिए आरोपियों ने मृतक का मोबाइल प्रयागराज ले जाकर गंगा नदी में फेंक दिया, ताकि लगे कि वह साधु बन गया है।
पुलिस की कार्रवाई
इस मामले में 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि 4 नाबालिगों को भी हिरासत में लेकर बाल संप्रेषण गृह भेजा गया है। घटना में इस्तेमाल वाहन और सुपारी की रकम भी बरामद कर ली गई है।
