रायपुर। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य से होने वाली तेल और गैस की सप्लाई पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। इसका प्रभाव भारत के कुछ शहरों में भी देखने को मिला है, जहां रसोई गैस की कमी की खबरें सामने आई हैं।
स्थिति को देखते हुए केंद्र सरकार ने पेट्रोलियम उत्पादों और प्राकृतिक गैस की उपलब्धता तथा समान वितरण सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 लागू कर दिया है। इसका उद्देश्य बाजार में जमाखोरी और कालाबाजारी को रोकना है।
प्रदेश में पर्याप्त मात्रा में ईंधन उपलब्ध
इस बीच Vishnu Deo Sai ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रदेशवासियों को संदेश जारी करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में एलपीजी, पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। इसलिए लोगों को घबराने या अनावश्यक चिंता करने की जरूरत नहीं है।
अधिकारियों को दिए गए निर्देश
मुख्यमंत्री ने बताया कि रसोई गैस की सुचारु आपूर्ति बनाए रखने के लिए सभी जिलों के अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों को गैस एजेंसियों के स्टॉक की नियमित निगरानी करने और सप्लाई व्यवस्था पर लगातार नजर रखने को कहा गया है।
कालाबाजारी पर होगी सख्त कार्रवाई
सीएम साय ने स्पष्ट कहा कि यदि कहीं एलपीजी की जमाखोरी या कालाबाजारी की शिकायत मिलती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अफवाहों से दूर रहने की अपील
मुख्यमंत्री ने प्रदेश के लोगों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और जरूरत के अनुसार ही रसोई गैस की बुकिंग करें। सरकार आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह सतर्क है।
