प्रतीका रावल जीवन परिचय: भारतीय महिला क्रिकेट की नई स्टार (Pratika Rawal Biography in Hindi)

Pratika Rawal Biography in Hindi:
प्रतीका रावल भारतीय महिला क्रिकेट की उन उभरती खिलाड़ियों में शामिल हैं, जिन्होंने बहुत कम समय में अपनी दमदार बल्लेबाजी और स्मार्ट गेम-अवेयरनेस से खास पहचान बना ली है। दिल्ली की रहने वाली यह युवा ओपनिंग बल्लेबाज 2024 में इंटरनेशनल क्रिकेट में कदम रखने के बाद 2025 में आयरलैंड के खिलाफ 154 रनों की ऐतिहासिक पारी खेलकर सुर्खियों में आ गईं। खास बात यह है कि प्रतीका मैदान पर सिर्फ बल्ले से ही नहीं, बल्कि अपने दिमागी खेल से भी विरोधियों पर दबाव बनाती हैं, जिसका श्रेय वह अपनी साइकोलॉजी की पढ़ाई को देती हैं।


प्रतीका रावल बायोडाटा (Pratika Rawal Bio/Wiki)

विवरणजानकारी
पूरा नामप्रतीका रावल
जन्म तिथि1 सितंबर 2000
उम्र25 वर्ष (2025 तक)
पेशाभारतीय महिला क्रिकेटर
भूमिकाओपनिंग बल्लेबाज, ऑफ ब्रेक गेंदबाज
जन्म स्थानदिल्ली
पालन-पोषणप्रीम नगर, हरियाणा
राष्ट्रीयताभारतीय
शिक्षासाइकोलॉजी ग्रेजुएट (दिल्ली यूनिवर्सिटी)
वैवाहिक स्थितिअविवाहित

प्रतीका रावल फिजिकल डिटेल्स

विवरणजानकारी
लंबाई5 फीट 7 इंच (170 सेमी)
वजनलगभग 55 किलोग्राम
आंखों का रंगकाला
बालों का रंगकाला

प्रतीका रावल शुरुआती जीवन (Early Life of Pratika Rawal)

प्रतीका रावल का जन्म 1 सितंबर 2000 को दिल्ली में हुआ। उनका बचपन हरियाणा के प्रीम नगर में बीता, जहां क्रिकेट उनके घर का अहम हिस्सा था। उनके पिता प्रदीप रावल बीसीसीआई के लेवल-2 अंपायर रह चुके हैं, इसलिए क्रिकेट की बारीकियां उन्हें बचपन से ही देखने-समझने को मिलीं।

महज 10 साल की उम्र में प्रतीका ने पहली बार बल्ला थामा। शुरुआत में वह गली-मोहल्ले में लड़कों के साथ क्रिकेट खेलती थीं। बाद में उन्होंने रोहतक रोड जिमखाना अकादमी में कोच शर्वन कुमार से प्रोफेशनल ट्रेनिंग लेना शुरू किया। 14 साल की उम्र में उन्हें दिल्ली अंडर-19 टीम में जगह मिल गई, जहां कोच दीप्ति ध्यानी और दिशांत यज्ञिक ने उनकी तकनीक को निखारा।


शिक्षा और क्रिकेट का संतुलन

प्रतीका रावल पढ़ाई में भी हमेशा अव्वल रहीं। उन्होंने बाल भारती स्कूल से पढ़ाई की और साथ ही बास्केटबॉल खेलते हुए 2019 के स्कूल नेशनल गेम्स में गोल्ड मेडल जीता। इसके बाद मॉडर्न स्कूल, बरखंबा रोड से 12वीं की परीक्षा दी, जिसमें उन्होंने 92.5% अंक हासिल किए।

इसके बाद उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी के जीसस एंड मैरी कॉलेज से साइकोलॉजी में ग्रेजुएशन पूरा किया। प्रतीका मानती हैं कि साइकोलॉजी ने उन्हें मैच के दबाव में शांत और फोकस्ड रहना सिखाया। बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी के लिए उन्होंने एक साल अंडर-19 क्रिकेट से ब्रेक भी लिया।


प्रतीका रावल का परिवार

प्रतीका रावल के परिवार ने उनके क्रिकेट करियर में अहम भूमिका निभाई है।

  • पिता: प्रदीप रावल (डीडीसीए/बीसीसीआई अंपायर)
  • माता: गृहिणी
  • भाई: इंजीनियर

परिवार हमेशा उनके साथ रहा है। प्रतीका फिलहाल अविवाहित हैं और उनकी निजी जिंदगी को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।


प्रतीका रावल का क्रिकेट करियर (Pratika Rawal Career)

घरेलू करियर

प्रतीका ने 2021 में दिल्ली के लिए सीनियर महिला वनडे ट्रॉफी से घरेलू क्रिकेट में डेब्यू किया। असम के खिलाफ उन्होंने 161 रन* की शानदार पारी खेलकर सभी का ध्यान खींचा। 2021-22 सीजन में उन्होंने 247 रन बनाए, जिसमें उनका औसत 49 से ज्यादा रहा।

2024 में वह रेलवे टीम से जुड़ीं और घरेलू क्रिकेट में लगातार रन बनाती रहीं। इसके अलावा, वह 2024 अंडर-23 टी20 ट्रॉफी में दिल्ली टीम की कप्तान भी रहीं।

अंतरराष्ट्रीय करियर

प्रतीका रावल ने 22 दिसंबर 2024 को वेस्टइंडीज के खिलाफ भारतीय महिला टीम के लिए वनडे डेब्यू किया। इस मैच में उन्होंने 40 रन बनाए और 1 विकेट भी लिया।

इसके बाद 15 जनवरी 2025 को आयरलैंड के खिलाफ उन्होंने 154 रन की ऐतिहासिक पारी खेली और सबसे तेज 500 वनडे रन बनाने वाली भारतीय महिला बल्लेबाज बनीं। 2025 वर्ल्ड कप में न्यूजीलैंड के खिलाफ उनका शतक उनके करियर का बड़ा मोड़ साबित हुआ।


करियर की प्रमुख उपलब्धियां (Career Highlights)

उपलब्धिविवरण
घरेलू डेब्यू2021, दिल्ली के लिए
इंटरनेशनल डेब्यू22 दिसंबर 2024, वेस्टइंडीज
पहला अंतरराष्ट्रीय शतक154 रन बनाम आयरलैंड (2025)
वर्ल्ड कप शतक2025, न्यूजीलैंड के खिलाफ
वनडे रिकॉर्डसबसे तेज 500 रन
भूमिकाभारत की प्रमुख ओपनिंग बल्लेबाज

प्रतीका रावल से जुड़ी खास बातें

  • 10 साल की उम्र में क्रिकेट की शुरुआत
  • स्कूल नेशनल बास्केटबॉल में गोल्ड मेडल
  • साइकोलॉजी की पढ़ाई से मानसिक मजबूती
  • पिता अंपायर होने से नियमों की गहरी समझ
  • झूलन गोस्वामी से प्रेरित
  • 2025 वर्ल्ड कप में भारत की ओपनिंग जोड़ी का अहम हिस्सा
  • किताबें पढ़ना और वीडियो गेम्स पसंद

प्रतीका रावल के प्रसिद्ध उद्धरण

“साइकोलॉजी ने मुझे दबाव में शांत रहना सिखाया।”
“लड़कियां क्रिकेट में पीछे नहीं हैं, बस मौके की जरूरत है।”
“पापा की वजह से क्रिकेट मेरे लिए घर का खेल बन गया।”


प्रभाव और विरासत

प्रतीका रावल आज भारतीय महिला क्रिकेट की नई उम्मीद बन चुकी हैं। उनकी आक्रामक ओपनिंग, मानसिक मजबूती और लगातार प्रदर्शन उन्हें आने वाले समय की सुपरस्टार बनाता है। वह खासतौर पर दिल्ली और हरियाणा की युवा लड़कियों के लिए एक प्रेरणा हैं। आने वाले वर्षों में उनसे WPL, टी20 वर्ल्ड कप और ओलंपिक क्रिकेट में भी बड़े प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है।

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