नई दिल्ली। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन साल 2025 के अंत तक भारत की यात्रा पर आ सकते हैं। यह जानकारी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने रूस दौरे के दौरान दी है। हालांकि, इस दौरे की तारीख अभी तय नहीं हुई है।
यह दौरा इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि फरवरी 2022 में यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद पुतिन पहली बार भारत आ रहे हैं। साथ ही, अमेरिका द्वारा लगाए गए टैरिफ (शुल्क) को लेकर उठी चिंताओं के बीच यह यात्रा रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है।
अमेरिका के टैरिफ और भारत पर असर
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर टैरिफ दोगुना (50%) करने का फैसला लिया था। उन्होंने इसके पीछे रूस से भारत द्वारा कच्चे तेल की खरीद को मुख्य कारण बताया था।
भारत ने साफ किया है कि वह अपनी ऊर्जा जरूरतों और राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखकर फैसले करेगा। रूस और चीन ने भी अमेरिकी टैरिफ का विरोध किया है।
पिछली बार कब आए थे पुतिन?
पुतिन आखिरी बार 6 दिसंबर 2021 को भारत आए थे। यह दौरा सिर्फ 4 घंटे का था।
इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी साल 2024 में दो बार रूस गए —
जुलाई में 22वें वार्षिक शिखर सम्मेलन के लिए
अक्टूबर में 16वें ब्रिक्स सम्मेलन के लिए
इन दोनों ही मौकों पर पुतिन को भारत आने का निमंत्रण दिया गया था।
पुतिन पर ICC का गिरफ्तारी वारंट
2023 में अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (ICC) ने पुतिन पर बच्चों के अपहरण और युद्ध अपराध के आरोप में गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। इसके बाद से पुतिन ने विदेश यात्राएं सीमित कर दी हैं, खासकर उन देशों में जो ICC सदस्य हैं।
भारत ने ICC संधि पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं, इसलिए यहां उनके आने में कोई कानूनी बाधा नहीं है।
भारत-रूस: मजबूत रणनीतिक साझेदारी
भारत और रूस के रिश्ते ऐतिहासिक रूप से मजबूत रहे हैं। दोनों देशों के बीच:
रक्षा,
ऊर्जा,
विज्ञान और तकनीक,
संस्कृति
जैसे क्षेत्रों में गहरा सहयोग है।
भारत, रूस से S-400 मिसाइल सिस्टम, T-90 टैंक, सुखोई-30, मिग-29, कामोव हेलीकॉप्टर जैसे कई रक्षा उपकरण खरीदता है।
वित्त वर्ष 2024-25 में भारत-रूस व्यापार 68.7 अरब डॉलर तक पहुंच चुका है। भारत आज रूसी तेल का दूसरा सबसे बड़ा आयातक है।
