टी-20 वर्ल्ड कप 2026 में सुपर-8 मुकाबलों के बाद सबसे ज्यादा चर्चा नेट रन रेट (NRR) की हो रही है। कई बार टीमों के अंक बराबर हो जाते हैं, तब यही NRR तय करता है कि कौन सेमीफाइनल में जाएगा। इसलिए इसका समझना बहुत जरूरी है।
क्या होता है नेट रन रेट?
सीधे शब्दों में, टीम जितनी तेजी से रन बनाती है और जितनी तेजी से रन देती है, उसी का फर्क NRR होता है।
आसान फॉर्मूला
(टीम के कुल रन ÷ खेले गए ओवर) – (विपक्ष के कुल रन ÷ खेले गए ओवर)
जो नंबर आएगा वही नेट रन रेट है।
उदाहरण से समझें
मान लीजिए एक मैच में साउथ अफ्रीका ने 20 ओवर में 187 रन बनाए।
भारत जवाब में 18.5 ओवर में 111 रन पर ऑलआउट हो गया।
👉 यहां खास बात: अगर कोई टीम 20 ओवर से पहले ऑलआउट हो जाए, तो भी उसके रन पूरे 20 ओवर से ही डिवाइड किए जाते हैं।
अब कैलकुलेशन ऐसे होगी:
साउथ अफ्रीका: 187 ÷ 20 = 9.35
भारत: 111 ÷ 20 = 5.55
अब 9.35 – 5.55 = +3.80
यानी साउथ अफ्रीका का NRR +3.800
और भारत का NRR -3.800
क्यों है इतना जरूरी?
अगर तीन टीमों के पॉइंट बराबर हों, तो बेहतर नेट रन रेट वाली दो टीमें सेमीफाइनल में पहुंचती हैं। इसलिए बड़ी जीत या करीबी हार भी आगे का रास्ता तय कर सकती है।
