

नई दिल्ली। सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को दिल्ली हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। पिछले 24 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे वांगचुक को कोर्ट ने उनकी पसंद के निजी अस्पताल मेदांता में भर्ती कराने की अनुमति दे दी है।
मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस कारिया की पीठ ने कहा कि वांगचुक का इलाज अब मेदांता अस्पताल में होगा। साथ ही, सफदरजंग अस्पताल में हुए इलाज से जुड़ी सभी मेडिकल रिपोर्ट तुरंत मेदांता भेजने के निर्देश दिए गए हैं। कोर्ट ने मेदांता के निदेशक को डॉक्टरों का एक विशेष पैनल बनाने का भी आदेश दिया।
सुनवाई के दौरान वांगचुक की पत्नी गीतांजलि अंगमो की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अखिल सिबल ने मेडिकल रिपोर्ट पेश की। रिपोर्ट में बताया गया कि वांगचुक के शरीर में पोटेशियम का स्तर कम हो गया है।
इस पर कोर्ट ने डॉक्टर से यूरिया और यूरिक एसिड बढ़ने को लेकर सवाल किया। डॉक्टर ने बताया कि लंबे उपवास के दौरान शरीर ऊर्जा के लिए वसा का उपयोग करता है, जिससे ऐसे बदलाव होना सामान्य बात है।





