Raipur RTE Students Labour: राजधानी रायपुर के तिलसिवां स्थित मुख्यमंत्री डीएवी पब्लिक स्कूल में पढ़ने वाले आरटीई विद्यार्थियों से मजदूरी कराए जाने का मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। अभिभावकों ने आरोप लगाया है कि शिक्षा का अधिकार (RTE) के तहत पढ़ रहे बच्चों से स्कूल परिसर में सीमेंट-रेत ढुलवाने और पुताई जैसे काम कराए गए। शिकायत के बाद प्रशासन ने जांच के आदेश दे दिए हैं।
क्या है पूरा मामला?
अभिभावकों के अनुसार, आरटीई के तहत दाखिला पाने वाले बच्चों से पढ़ाई की बजाय श्रम वाले कार्य कराए गए। परिजनों ने कलेक्टर जनदर्शन में लिखित शिकायत देकर कहा कि बच्चों से निर्माण कार्य जैसा काम करवाना कानून और बच्चों के अधिकारों के खिलाफ है।
सीमेंट-रेत ढुलवाने और पुताई का आरोप
शिकायत में दावा किया गया है कि छात्रों से स्कूल परिसर में सीमेंट और रेत ढुलवाया गया, साथ ही कक्षाओं की पुताई भी कराई गई। परिजनों का कहना है कि जब बच्चों ने ऐसे काम करने से इनकार किया तो उन्हें स्कूल से निकालने और ट्रांसफर सर्टिफिकेट (TC) देने की धमकी दी गई। इससे बच्चे मानसिक दबाव में आ गए।
अभिभावकों से दुर्व्यवहार का आरोप
परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि जब वे इस मुद्दे पर बात करने स्कूल पहुंचे तो प्राचार्य विधु शर्मा ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया। अभिभावकों के मुताबिक, उन्हें कहा गया कि बच्चों को मुफ्त में किताबें, बैग और अन्य सुविधाएं मिल रही हैं, इसलिए शिकायत करने की जरूरत नहीं है।
शिकायत में यह भी आरोप है कि स्कूल की एक कक्षा का उपयोग निजी आवास के रूप में किया जा रहा है। परिजनों ने बच्चों के काम करते हुए फोटो और वीडियो सबूत के तौर पर प्रशासन को सौंपे हैं।
प्रशासन ने बनाई जांच समिति
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने तुरंत जांच के निर्देश दिए। जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) अजय मिश्रा ने तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है।
समिति में:
लता बेक (सहायक संचालक, योजना) – अध्यक्ष
हरेंद्र सिंह (बीईओ) – सदस्य
पुष्पा राय (प्राचार्य, सेजेस जयनगर) – सदस्य
समिति को सात दिनों के भीतर रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है। डीईओ ने स्पष्ट किया है कि यदि आरोप सही पाए गए तो संबंधित जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्राचार्य ने आरोपों को नकारा
वहीं प्राचार्य विधु शर्मा ने सभी आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि शिकायत द्वेषवश की गई है और जांच में सच्चाई सामने आ जाएगी। उन्होंने प्रशासन को पूरा सहयोग देने की बात कही है।
अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट पर टिकी है, जिसके बाद ही पूरे मामले की सच्चाई स्पष्ट होगी।
