रायपुर के आंबेडकर अस्पताल में अब इलाज से ज्यादा परेशानी बुनियादी सुविधाओं को लेकर हो रही है। यहां शौचालयों की खराब हालत ने मरीजों और उनके परिजनों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
Nai dunia मीडिया की रिपोर्ट्स की माने तो अस्पताल परिसर में कई वॉशरूम या तो बंद पड़े हैं या फिर इतनी गंदगी है कि उनका इस्तेमाल करना मुश्किल हो गया है। ओपीडी ब्लॉक के पास बने 12 से ज्यादा शौचालयों में से ज्यादातर पर ताले लगे हुए हैं। ऐसे में लोगों को मजबूरी में इधर-उधर भटकना पड़ रहा है।
सबसे ज्यादा दिक्कत महिलाओं को हो रही है। जेंट्स टॉयलेट बंद होने की वजह से कई पुरुष महिला वॉशरूम का इस्तेमाल कर रहे हैं। इससे महिलाओं को असहज स्थिति का सामना करना पड़ रहा है और उनकी प्राइवेसी भी प्रभावित हो रही है।
अस्पताल में रोजाना करीब 1500 मरीज इलाज के लिए आते हैं। अगर उनके साथ आने वाले लोगों को भी जोड़ लें, तो यह संख्या 3000 से 4000 तक पहुंच जाती है। इतनी भीड़ के बावजूद साफ-सुथरे और खुले शौचालयों की व्यवस्था नहीं होना प्रशासन पर सवाल खड़े करता है।
इस मामले में अस्पताल के अधीक्षक डॉ. संतोष सोनकर का कहना है कि ज्यादातर शौचालय खुले हैं, लेकिन कुछ स्टाफ के लिए बंद रखे गए हैं। महिलाओं के वॉशरूम में पुरुषों के जाने की शिकायत पर उन्होंने जांच कराने की बात कही है।
