अंबिकापुर। शारदीय नवरात्रि और मूर्ति विसर्जन को देखते हुए कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी सरगुजा ने जिले के लिए नई गाइडलाइन (SOP) जारी की है। इसका मकसद त्योहार के दौरान शांति, सुरक्षा और स्वच्छता बनाए रखना है।
पंडाल व्यवस्था
सड़क पर पंडाल लगाकर रास्ता ब्लॉक नहीं किया जाएगा।
अस्पताल, स्कूल, एम्बुलेंस और फायर ब्रिगेड के रास्ते खुले रहेंगे।
पंडाल लगाने से पहले यातायात, पुलिस और नगर निगम से अनुमति लेना जरूरी होगा।
पंडाल और आसपास CCTV कैमरे लगाना अनिवार्य रहेगा।
विसर्जन के बाद 12 घंटे के भीतर पंडाल हटाना होगा।
प्लास्टिक का उपयोग नहीं होगा, प्रसाद के लिए पत्तल-दोना ही इस्तेमाल करना होगा।
पंडाल में डस्टबिन रखना जरूरी है।
गरबा नृत्य के लिए संबंधित एसडीएम से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा।
मूर्ति स्थापना
केवल मिट्टी की मूर्तियों की स्थापना की अनुमति होगी।
Plaster of Paris (POP) और केमिकल रंग से बनी मूर्तियों पर पूरी तरह रोक।
मुख्य पंडाल के बाहर अतिरिक्त मूर्ति रखने की अनुमति नहीं होगी।
ध्वनि विस्तारक यंत्र (लाउडस्पीकर)
उपयोग का समय सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक।
रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक पूरी तरह प्रतिबंधित।
ध्वनि स्तर 45 से 70 डीबी तक सीमित रहेगा।
सभी यंत्रों में साउंड लिमिटर लगाना जरूरी है।
अश्लील और भड़काऊ गानों पर पूरी तरह रोक।
मूर्ति विसर्जन व्यवस्था
प्रतिमा विसर्जन केवल निर्धारित स्थल और तय रूट से होगा।
सड़क किनारे मंच बनाने की अनुमति नहीं।
नियम तोड़ने पर जप्ती और आपराधिक कार्रवाई होगी।
बच्चों को विसर्जन स्थल पर न ले जाने की अपील।
नगर निगम स्टाफ, क्रेन, गोताखोर और जेसीबी की व्यवस्था करेगा।
घाटों की सफाई, रोशनी और सुरक्षा की तैयारी पहले से होगी।
प्रशासन की तैयारी
विसर्जन के दौरान निर्बाध बिजली आपूर्ति के निर्देश।
आपात स्थिति के लिए त्वरित सुधार दल तैनात रहेंगे।
सभी अधिकारियों को शांति समिति की बैठक आयोजित कर निगरानी करने के आदेश।
आदेश का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के भी निर्देश दिए गए।
