Khallari Ropeway Accident: छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में हुए खल्लारी रोपवे हादसे ने एक हंसते-खेलते परिवार की जिंदगी उजाड़ दी। रायपुर की शिक्षिका आयुषी धावरे की मौत के बाद उनका अंतिम संस्कार ऐसा भावुक दृश्य बन गया, जिसने हर किसी की आंखें नम कर दीं।
4 महीने पहले हुई थी शादी, देवी दर्शन बना आखिरी सफर
28 वर्षीय आयुषी धावरे की शादी 23 नवंबर 2025 को रायपुर निवासी ऋषभ धावरे से हुई थी। आयुषी पाटन के आत्मानंद स्कूल में शिक्षिका थीं।
22 मार्च को वह अपने पति, देवर और ननद के साथ खल्लारी माता मंदिर में दर्शन करने गई थीं, लेकिन यह यात्रा उनकी जिंदगी की आखिरी यात्रा साबित हुई।
कैसे हुआ हादसा?
माता के दर्शन के बाद सभी लोग रोपवे से नीचे उतर रहे थे, तभी अचानक केबल टूट गई और ट्रॉली करीब 20 फीट नीचे गिर गई।
इस भयानक हादसे में आयुषी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनके पति ऋषभ समेत परिवार के अन्य सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गए।

अंतिम विदाई में टूट गया पति
आयुषी के अंतिम दर्शन के लिए उनका शव अस्पताल लाया गया, जहां उनके पति भर्ती हैं।
जब ऋषभ ने अपनी पत्नी को सुहागन के रूप में विदा देने के लिए उनकी मांग में सिंदूर भरने की कोशिश की, तो दर्द के कारण उनकी चीख निकल गई और वे रोते हुए बिस्तर पर ही गिर पड़े।
यह दृश्य इतना भावुक था कि वहां मौजूद परिवार के सदस्य ही नहीं, बल्कि नर्स भी खुद को रोने से नहीं रोक पाई।
महादेव घाट में हुआ अंतिम संस्कार
इसके बाद आयुषी का अंतिम संस्कार रायपुर के महादेव घाट स्थित मणिकार्णिका घाट में किया गया, जहां पूरे माहौल में शोक और सन्नाटा छाया रहा।
मौत का आंकड़ा बढ़ा, एक और ने तोड़ा दम
इस हादसे में मृतकों की संख्या अब 2 हो गई है।
महासमुंद निवासी गोविंद गोस्वामी (47) ने भी इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
वहीं, 15 घायलों में से 8 लोगों को अस्पताल से छुट्टी मिल चुकी है।
लापरवाही पर FIR दर्ज
जांच में लापरवाही सामने आने के बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं।
रोपवे संचालक कंपनी और कर्मचारियों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है।
पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
