रायपुर। छत्तीसगढ़ के सुप्रसिद्ध कवि केदार सिंह परिहार का आज निधन हो गया। उनके निधन से साहित्य जगत और संस्कृति प्रेमियों में गहरा शोक है।
प्रदेश के गृहमंत्री विजय शर्मा ने संवेदना व्यक्त करते हुए कहा –
“छत्तीसगढ़ ल छांव करें बर, मैं छानी बन जातेंव!! छत्तीसगढ़ की माटी, संस्कृति और आत्मा को अपने शब्दों में जीवंत करने वाले कवि केदार सिंह परिहार अब हमारे बीच नहीं रहे। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दे और परिवार को यह दुख सहने की शक्ति प्रदान करे।”
कवि केदार सिंह परिहार का जीवन परिचय
जन्म: 7 मार्च 1952, पलानसरी गांव, जिला मुंगेली
परिवार: पिता – स्व. भागवत सिंह परिहार, माता – स्व. अंबिका सिंह
शिक्षा:
प्रारंभिक शिक्षा – दुर्ग जिले के ग्राम गाड़ामोर
हाई स्कूल – बी.आर. साव हायर सेकेंडरी स्कूल, मुंगेली
स्नातक – एस.एन.जी. महाविद्यालय, मुंगेली
एल.एल.बी. – जांजगीर लॉ कॉलेज (1975)
कवि केदार सिंह परिहार ने छत्तीसगढ़ की माटी, संस्कृति, बोली और आत्मा को अपनी कविताओं में जीवन्त रूप से प्रस्तुत किया। उनके निधन से छत्तीसगढ़ साहित्य जगत की एक बड़ी क्षति हुई है।
