रायपुर। छत्तीसगढ़ में पचरा गीत और कथा वाचन के लिए प्रसिद्ध कथावाचक पं. युवराज पांडेय की सुरक्षा को लेकर दिया गया बयान अब सियासी बहस का मुद्दा बन गया है। कथावाचक के वीडियो के वायरल होने के बाद प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल के बयान पर अब पीसीसी चीफ दीपक बैज ने तीखा पलटवार किया है।
कथावाचक युवराज पांडेय की सुरक्षा को लेकर उठा सवाल
दरअसल, कथावाचक पं. युवराज पांडेय का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें उन्होंने मंच से कहा था कि इतनी बड़ी भीड़ होने के बावजूद सुरक्षा के लिए एक भी पुलिसकर्मी मौजूद नहीं है।
उन्होंने बताया कि कलश यात्रा के दौरान चोरी की घटनाएं हुईं, जिससे कई श्रद्धालु कथा सुनने नहीं आए। उन्होंने इसे प्रशासन की लापरवाही बताया।
मंत्री राजेश अग्रवाल ने क्या कहा था?
कथावाचकों की सुरक्षा को लेकर पूछे गए सवाल पर संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा था—
“यह सनातनियों की सरकार है। साधु-संतों को पूरी सुरक्षा दी जाती है। हम तो डाकुओं को भी सुरक्षा दे देते हैं, फिर ये तो साधु-संत हैं।”
मंत्री के इसी बयान को लेकर अब विवाद गहराता जा रहा है।
दीपक बैज का मंत्री पर करारा हमला
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज ने मंत्री के बयान को आपत्तिजनक और दुर्भाग्यपूर्ण बताया।
उन्होंने कहा—
बाहर से आने वाले साधु-संतों को सुरक्षा मिलती है
लेकिन छत्तीसगढ़ के कथावाचकों को नजरअंदाज किया जाता है
कांग्रेस को किसी को सुरक्षा देने पर आपत्ति नहीं है
लेकिन भीड़भाड़ वाले आयोजनों में सभी को समान सुरक्षा मिलनी चाहिए
“सरकार ही लुटेरों की सरकार” – दीपक बैज
दीपक बैज ने तीखे शब्दों में कहा कि मंत्री का “डाकुओं को सुरक्षा” वाला बयान यह साबित करता है कि—
“राज्य में कानून व्यवस्था पूरी तरह फेल हो चुकी है। सरकार खुद लुटेरों की सरकार बन गई है।”
उन्होंने कहा कि ऐसी बयानबाजी से सरकार की सोच उजागर होती है।
