कार खरीदते समय सबसे बड़ा सवाल होता है – माइलेज कितना देगी? लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी ड्राइविंग स्पीड माइलेज को सीधे तौर पर प्रभावित करती है? बहुत से ड्राइवर तेज रफ्तार को समय की बचत मानते हैं, जबकि असल में इससे ईंधन की खपत बढ़ जाती है।
आइए समझते हैं कि कार की स्पीड और माइलेज के बीच क्या रिश्ता है।
तेज रफ्तार पर क्यों घटता है कार का माइलेज?
जब कार बहुत तेज चलाई जाती है, तो इंजन को ज्यादा ताकत लगानी पड़ती है। इसके कारण:
हाई स्पीड पर हवा का विरोध (Air Drag) बढ़ जाता है
इंजन ज्यादा फ्यूल जलाने लगता है
तेज एक्सेलेरेशन और अचानक ब्रेक लगाने से ईंधन बर्बाद होता है
टायर और इंजन की एफिशिएंसी कम हो जाती है
इन सभी कारणों से हाई स्पीड ड्राइविंग माइलेज को तेजी से घटा देती है और जेब पर सीधा असर पड़ता है।
बहुत कम स्पीड भी माइलेज के लिए नुकसानदायक
सिर्फ तेज रफ्तार ही नहीं, बल्कि बहुत कम स्पीड पर ड्राइव करना भी माइलेज खराब कर सकता है।
लो गियर में ज्यादा देर तक गाड़ी चलाने से इंजन पर दबाव पड़ता है
ट्रैफिक में बार-बार रुकना और चलना फ्यूल खपत बढ़ाता है
गलत गियर शिफ्टिंग से इंजन सही एफिशिएंसी पर काम नहीं करता
इसलिए न बहुत तेज, न बहुत धीमी – संतुलित स्पीड ही सही विकल्प है।
बेहतर माइलेज के लिए कार की सही स्पीड कितनी होनी चाहिए?
अधिकांश पेट्रोल और डीज़ल कारों के लिए 50 से 80 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार को सबसे बेहतर माना जाता है।
इस स्पीड पर:
इंजन संतुलित रहता है
फ्यूल कम खर्च होता है
स्मूद ड्राइविंग संभव होती है
कार की लाइफ और सेफ्टी दोनों बेहतर रहती हैं
माइलेज बढ़ाने के लिए एक्सपर्ट टिप्स
अचानक एक्सेलेरेशन से बचें
सही समय पर गियर शिफ्ट करें
क्रूज़िंग स्पीड बनाए रखें
ट्रैफिक में जरूरत से ज्यादा ब्रेक न लगाएं
कार की नियमित सर्विस कराएं
